जिला पुलिस के भी खेल निराले हैं। अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई तो जारी है लेकिन उसके खास गुर्गों पर पुलिस मेहरबान हैं। कार्रवाई न होने से इन पर दर्ज गैंगस्टर के मामले सालों से लंबित हैं। कैंट, धूमनगंज व सिविल लाइंस पुलिस अब तक इनके खिलाफ 141 की कार्रवाई नहीं कर सकी है। कार्रवाई क्यों लंबित है, इस पर अफसर भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
माफिया अतीक अहमद पर दर्ज गैंगस्टर के मामलों में हाल ही में ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। उसकी अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को कुर्क किया गया। इसके साथ ही नियमविरुद्ध तरीके से कराए गए निर्माण के ध्वस्तीकरण की भी कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई को लेकर जिला पुलिस को सराहना भी मिली। लेकिन यही तेजी पुलिस अतीक के सबसे खास करीबियों पर दर्ज मामलों में नहीं दिखा पाई। उल्टे हाल तो यह है कि कार्रवाई न होने से गैंगस्टर के मामले भी वर्षों से लंबित हैं। इनमें अतीक एंड कंपनी के वह सदस्य शामिल हैं जिन पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी, अपहरण समेत दर्जनों मामले दर्ज हैं। कई मामलों यह अतीक के साथ सहअभियुक्त भी हैं।
इन पर लंबित है कार्रवाई
अतीक गिरोह के खास सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक ऐसा ही मामला करीब दो साल से लंबित हैं। अक्तूबर 2018 में धूमनगंज थाने में तत्कालीन इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा ने अतीक गिरोह के 14 सदस्यों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें आबिद, खालिद अजीम उर्फअशरफ, फरहान, अकबर, अबूबकर, माजिद, जावेद एजाज अख्तर, शेरू, मुन्ना, पप्पू, फैसल, आसिफ व जुल्फिकार उर्फ तोता शामिल हैं।
इंस्पेक्टर की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया था कि गिरोह का लीडर अतीक का बेहद करीबी आबिद है। जिसके कहने पर अन्य सदस्य हत्या, लूट, हत्या का प्रयास समेत अन्य संगीन आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। इस मामले में अब तक आरोपियों के खिलाफ 14(1) की कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
- गैंगस्टर के जिन भी मामलों में कार्रवाई लंबित हैं, उन आरोपियों के खिलाफ जल्द ही 14 (1) की कार्रवाई की जाएगी। कैंट, सिविल लाइंस और धूमनगंज थानों में लंबित ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र की जा रही है। - अजीत सिंह चौहान, सीओ- सिविल लाइंस।