लगातार हो रहा था लेनदेन
गैंग के एक सदस्य की यूपीआई पेमेंट हिस्ट्री के कुछ स्क्रीन शॉट अमर उजाला के भी हाथ लगे हैं। इनमें से एक तो नौ जुलाई के गिरोह के भंडाफोड़ के दो दिन पहले यानी सात जुलाई का है। इस दिन महज चार घंटे के भीतर इस सट्टेबाज के यूपीआई अकाउंट से 92 हजार का लेनदेन हुआ। इनमें से 72500 रुपये दिनेश कुमार यादव को भेजे गए जबकि 20 हजार रुपये एक अज्ञात नंबर से प्राप्त हुआ।
एक खास बात यह कि मुकदमे में नामजद व गैंग के सदस्य जिस रिंकू डिश का नाम-पता तस्दीक नहीं हो पाया, उससे भी लेनदेन के सबूत इस मोबाइल में मिले। छह जुलाई 2022 को उसने 37,300, 29 जून को 30 हजार और 27 जून को दो बार में 70 हजार रुपये भेजे। बड़ी बात यह है कि इसके बावजूद पुलिस उसका नाम-पता तस्दीक नहीं कर पाई।
सीडीआर से बेनकाब होंगे धंधेबाज
सूत्रों का कहना है कि मौके से जो भी आरोपी पकड़े गए हैं, पुलिस अफसर अब उनके फोन की सीडीआर की जांच करवाएंगे। इससे पता लगाया जाएगा कि आखिर इस धंधे में कौन-कौन लोग उनके सहयोगी हैं। इसके अलावा उनके यूपीआई व बैंक अकाउंट का डिटेल भी निकलवाया जाएगा। जानकारी जुटाई जाएगी कि सट्टेबाज गिरोह के सरगना समेत अन्य लोगों से किन-किन लोगों का लेनदेन हुआ।
इस पूरे प्रकरण की गहनता से छानबीन कराई जा रही है। गैंग के सदस्यों से किन-किन लोगों का लेनदेन हुआ, उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। - चिराग जैन, एसीपी झूंसी