परिणाम कुछ भी हो, पर चुनाव नतीजों को लेकर प्रत्याशियों की सांस अटकी हुई है। वोटरों की खामोशी ने सभी को उलझा रखा है। प्रत्याशी बेचैन हैं, फिर भी सबको जीत की आस है। कोई खुद तो कोई अपनी पार्टी के दम पर जीत का दंभ भर रहा है। हालांकि हर विधानसभा क्षेत्र में जीत किसी एक प्रत्याशी की होनी है। दिमाग कुछ भी कहे लेकिन दिल से कोई हार मानने को तैयार नहीं है।
शहर उत्तरी से कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशी अनुग्रह नारायण सिंह को लगता है कि क्षेत्र की जनता ने उनके कार्यों का मूल्यांकन किया और यह वोटों में तब्दील हो गया। वह जीत के प्रति आश्वस्त हैं। बृहस्पतिवार को वह कर्मचारी यूनियन की एक सभा में शामिल हुए और फिर एजी ऑफिस चौराहे के पास कर्मचारी नेताओं के साथ चुनावी चर्चा में वक्त बिताया। अुनग्रह की तरह शहर उत्तरी से भाजपा प्रत्याशी हर्षवर्धन बाजपेयी को भी 11 मार्च को बेसब्री से इंतजार है। बकौल हर्ष वह संकटमोचन हनुमानजी की शरण में हैं। कहते हैं कि उन्हीं की कृपा से भाजपा से टिकट मिला और अब चुनाव जीतने जा रहे हैं। उनका दावा है कि चुनाव में शहर उत्तरी की जनता से उन्हें असीम स्नेह मिला।
शहर पश्चिमी से भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थ नाथ सिंह मतदान के बाद से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने तो अभी से क्षेत्र में घूमकर मतदाताओं को धन्यवाद देना शुरू कर दिया है। उनका दावा है कि शहर पश्चिमी से पहली बार कमल खिलने जा रहा हैं। हालांकि इसी क्षेत्र से सपा-कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी रिचा सिंह भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही हैं। उनका भी दावा है कि मतदाताओं ने उनपर भरोसा जताया है और वह बड़े अंतर से जीतने जा रही हैं।
बड़े अंतर से जीत को लेकर शहर दक्षिणी से सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी परवेज अहमद भी आश्वस्त हैं। कहते हैं कि पांच वर्ष क्षेत्र में जो काम उन्होंने किया, उसका नतीजा 11 मार्च को सामने आ जाएगा। उनका दावा है कि नतीजा उन्हीं के पक्ष में आएगा। हालांकि इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी नंद गोपाल गुप्ता नंदी इससे भी एक कदम आगे की बात कर रहे हैं। बकौल नंदी इस बार उन्हें रिकार्ड संख्या में मुस्लिम मत भी मिले और वह बड़े अंतर से जीतने जा रहे हैं। वहीं, शहर दक्षिणी से बसपा प्रत्याशी हाजी माशूक खां का कहना है कि लड़ाई त्रिकोणीय और कांटे की है। मतदाताओं का निर्णय शिरोधार्य होगा। इन सबके बीच अन्य प्रत्याशियों से इतर फूलपुर से भाजपा प्रत्याशी का दावा है कि परिणाम आने से पहले ही उन्हें जीत की बधाई मिलने लगी है। उनका है कि अब यह देखना है कि कितने मार्जिन से जीत मिलती है।
एग्जिट पोल ने उलझाया
- बृहस्पतिवार शाम पोस्ट पोल सर्वे के तहत संभावित नतीजों के आंकड़े सामने आने के बाद प्रत्याशियों की बेचैनी और बढ़ गई है। एग्जिट पोल ने सभी को उलझा दिया है। जिनके पक्ष में जीत के दावे किए जा रहे हैं, उनके चेहरों पर चमक है लेकिन जिस पार्टी को कतार में पीछे जगह दी गई है, उनके प्रत्याशी अब एग्जिट पोल गलत होने का दावा कर रहे हैं।