देश में हर साल 15 लाख लोग टीबी से होते है पीड़ित
प्रयागराज। क्षय रोग से सबसे ज्यादा पीड़ित व्यक्ति भारत में है। भारत में लगभग 15 लाख लोग प्रतिवर्ष क्षय रोग से पीड़ित होते है। यह जानकारी रविवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से एसोसिएशन सभागार में टीबी के उपचार एवं निदान विषय पर हुई संगोष्ठी के दौरान मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज के पलमोनरी मेडिसीन के चिकित्सक डॉ. अमिताभ दास शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक 5 मिनट में एक टीबी मरीज की मृत्यु भारत में होती है। भारत में प्राथमिकता आज भी सामान्य ड्रग सेंसिटिव टीबी ही है, लेकिन ड्रग रेसिस्टेंट टीबी जांच एवं उपचार में नए आयाम जुड़ रहे है। ड्रग रेसिस्टेंट टीबी की जांच जहां पहले कई हफ्ते लेती थी, वही अब यह 90 मिनट में संभव हो रही है।
ड्रग रजिटेंट टीबी की नई दवाओं की जानकारी देते हुए डॉ. एके तिवारी ने बताया कि नई दवाओं में बेडाक्वोलीन और डेला माइंड सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। जो बाजार में भी अभी उपब्ध नहींहै। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, गर्भवती महिला, बच्चों, शरणार्थी व निराश्रय व्यक्तियों में ड्रग रेसस्टिेंट टीबी एक अलग चुनौती है। संगोष्ठी की अध्यक्षता एएमए अध्यक्ष इलेक्ट डॉ. सुबोध जैन ने की। संगोष्ठी में एएमए सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, सचिव डॉ. अनुभा श्रीवास्तव, डॉ. एमके मदनानी, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. प्रभाकर राय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।