दूसरे राज्यों से आने वाले प्रत्येक श्रमिक को पांच किग्रा राशन मुफ्त दिया जाएगा। वितरण कंट्रोल की दुकानों से होगा। मई और जून दो महीने का राशन दिया जाएगा। इसके लिए अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
लॉकडाउन में रोजी का जरिया छिनने के बाद घर लौटे श्रमिकों के लिए सरकार ने आत्म निर्भर योजना की शुरुआत की है। केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत तीन किग्रा गेहूं और दो किगा चावल वितरित किया जाएगा। इसके अलावा एक किग्रा चना वितरण की भी घोषणा की गई है। जो किसी और योजना का लाभ नहीं पा रहे उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। अभी इनकी संख्या तय नहीं है लेकिन अलग-अलग विभागों की सूची में पंजीकृत 30 हजार से अधिक श्रमिकों का इसका लाभ मिलने की बात कही जा रही है। इसे ध्यान में ध्यान रखकर मई और जून में कंट्रोल की दुकानों पर 10 फीसदी अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। वितरण एक जून से ही कराने की तैयारी है। इसके तहत ब्लाक स्तर के गोदामों पर खाद्यान्न पहुंचाने का क्रम शुरू हो गया है। वहां से कोटेदार राशन ले जाएंगे।
नए कार्डधारकों को राशन देने की कवायद
विभिन्न योजनाआें का लाभ पहुंचाने के मकसद से बड़ी संख्या में गरीब परिवारों के अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड बनाए लेकिन इनमें से हजारों परिवार अब भी राशन से वंचित हैं। उनके हिस्से का राशन कोटेदारों को आवंटित ही नहीं किया गया। अफसरों का कहना है कि कार्ड बनने से पहले ही कोटेदारों को खाद्यान्न का आवंटन कर दिया गया था। इस तरह से राशन नहीं मिलने से नए कार्डधारकों में निराशा के साथ नाराजगी है। हालांकि, अब उन्हें राशन उपलब्ध कराने की कवायद शुरू की गई है। कंट्रोल की दुकानों पर बचे खाद्यान्न को आवश्यकतानुसार एक जगह से दूसरे स्थान पर ले जाकर वितरण का आदेश दिया गया है। हालांकि, इसका लाभ भी अगले महीने ही मिल पाएगा।