बीते रविवार को इस्कॉन मंदिर के परिसर में नए-नवेले प्रभुपाद घाट पर यमुना आरती करते पुजारी। स्रोत
ओम जय यमुना मइया...यह गूंज अब हर रविवार शाम छह बजे नए-नवेले प्रभुपाद घाट पर सुनाई देगी। यहां यमुना आरती की शुरुआत की गई है। शाम को कथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
प्रदेश सरकार ने इस्कॉन मंदिर परिसर में यमुना तट पर प्रभुपाद घाट का निर्माण कराया है। इसकी देखरेख व यहां के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी इस्कॉन मंदिर को सौंपी गई है। रामनवमी से यहां हर रविवार को यमुना आरती, कथा व सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। शुभांरभ के मौके पर बीते रविवार को करीब 800 श्रद्धालु इसमें शामिल हुए थे। हालांकि, यहां हजारों लोगों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम शाम छह से सात बजे तक है। एक घंटे में इस्कॉन के अनुयायी आरती, कीर्तन, हरे कृष्णा, नृत्य, गायन करते हैं। जय राधा माधव...पर भव्य नृत्य कर सबका मन मोह लेते हैं। साथ ही एक चबूतरे पर भव्य यमुना आरती की जा रही है। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के वीडियो लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
इस्कॉन मंदिर के सचिव जय प्रकाश ने बताया कि अभी प्रत्येक रविवार को आरती शुरू की गई है। लेकिन, भीड़ को देखते हुए आगे शनिवार और रविवार दोनों दिन यह व्यवस्था रहेगी। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। वहीं, प्रभुपाद घाट पर आई लव प्रयागराज का सेल्फी प्वाइंट भी आकर्षण का केंद्र बना है। यहां लोग सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। संवाद