जिले में एलाइजा जांच के आधार पर डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 429 है। लेकिन इस बार डेंगू के संदिग्ध मामलों की बाढ़ सी आ गई है। जिले में सात ब्लड बैंक हैं, जिसमें प्रतिदिन लगभग 700 यूनिट तक प्लेटलेट्स उपलब्ध रहती है।
जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों के बावजूद सरकारी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बेली अस्पताल में चार सेपरेटर मशीन लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अस्पताल को अभी तक मशीनें नहीं मिल सकी हैं। डेंगू के मरीजों के तीमारदारों को प्लेटलेट्स के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।
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जिले में एलाइजा जांच के आधार पर डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 429 है। लेकिन इस बार डेंगू के संदिग्ध मामलों की बाढ़ सी आ गई है। जिले में सात ब्लड बैंक हैं, जिसमें प्रतिदिन लगभग 700 यूनिट तक प्लेटलेट्स उपलब्ध रहती है। वहीं लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण करीब 1200 यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स की मांग हो रही है।
इसके अलावा सभी सरकारी अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं। बेली, कॉल्विन व एसआरएन में मरीजों को लौटाया जा रहा है। जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, उनका कहना है कि डॉक्टर अभी भी दवाइयां बाहर से लिख रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में उपचार न मिल पाने के कारण लोग मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं।
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अस्पताल के लिए सेपरेटर मशीन अभी उपलब्ध नहीं हो पाई है। मरीजों से बेड फुल हो गए हैं। रही मरीजों की बात तो उनका बेहतर तरीके से इलाज किया जा रहा है। साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - डॉ. एमके अखौरी, प्रभारी प्रमुख अधीक्षक, बेली।