उत्तर भारत की प्रमुख मिठाइयों में अनरसे की एक अलग पहचान है। जून माह से ही इसके बनने व बिकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। चावल, चीनी के साथ गुड़, रिफाइंड के दाम बढ़ गए हैं। लेकिन, अनरसे की मांग में कोई कमी नहीं है। हालांकि, व्यापारियों के मुनाफे पर जरूर असर पड़ा है।
प्रयागराज-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर स्थित मऊआइमा के हरिसेनगंज बाजार में बड़े पैमाने पर अनरसे का कारोबार होता है। बाजार में रहने वाले दो दर्जन परिवारों की आजीविका का यही एक मात्र साधन है। तीन-चार महीने चलने वाला यह कारोबार मध्य जून से शुरू होकर अक्टूबर माह तक चलता है। गुड़,चावल एवं रिफाइंड ऑयल से बनने वाला अनरसा आसपास के जनपदों में भी काफी लोकप्रिय है। स्वादिष्ट होने के साथ यह सस्ता मिलता है। यही वजह है कि गरीब व मध्यम वर्ग के लोग इसे काफी पसंद करते हैं। अनरसा कारोबारी महेश चंद्र ने बताया कि हम लोगों द्वारा हर दिन करीब दस से बारह क्विंटल अनरसा तैयार किया जाता है। इसकी फुटकर बिक्री 80 से 100 रुपये किलो तथा थोक बिक्री 65 से 75 रुपये किलो के हिसाब से की जाती है।
चार माह की कमाई से पूरे साल चलता है घर का खर्च
अनरसा कारोबारियों के अनुसार तीन-चार महीने चलने वाले इस धंधे की आमदनी से ही हम अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर विवाह तक की जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। हरिसेनगंज बाजार में शिवशंकर केसरवानी, अमरनाथ केसरवानी, लल्लन, शिवबाबू मोदनवाल, भोलानाथ मोदनवाल, नन्हे मोदनवाल, बनारसीदास, मानिक चंद्र, अमित कुमार, शंभूनाथ, बद्रीनाथ, संतोष कुमार, नंदलाल सहित दो दर्जन परिवार अनरसे के कारोबार से जुड़ा है। अनरसे की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर होने के साथ ही सीमावर्ती जनपद प्रतापगढ़ व सुल्तानपुर, अमेठी, भदोही, कौशाम्बी, फतेहपुर, मिर्जापुर सहित आसपास के जनपदों में भी होती है।
गुड़ प्रति किलो
वर्तमान रेट.... पहले की कीमत
60 से 70 रुपये 40 से 45 रुपये
रिफाइंड 15 लीटर
2100 से 2350 रुपये 1500 से 1600 रुपये
चावल प्रति क्विंटल
2500 से 3000 रुपये 1800 से 2200 रुपये
फ़ोटो : अनरसा तैयार करता कारोबारी व तैयार अनरसा