बाग कमान में पहले भी कई बार जा चुका था बंदी कालीचरण
नैनी। फरार बंदी कालीचरण मार्च में केंद्रीय कारागार नैनी लाया गया था। यहां पर उसे खेती का काम दिया गया था। जेल सूत्रों की माने तो इसके पहले भी वह कई बार बाग कमान में जेल की कृषि फर्म में गया था। वह जेल की कृषि फर्म की काफी जानकारी हासिल कर लिया था। बीते शनिवार को जब वह कमान में निकला तो पहले से ही निर्धारित जगह पर जेल सिपाहियों से बचकर छिप गया होगा और शाम को अंधेरा होने पर वह यहां से भागने में कामयाब हो गया। संवाद
फरार होने के दो दिन पहले ही मुलाकात करने पहुंचे थी पत्नी और भाई
कालीचरण के फरार होने के दो दिन पहले यानी 18 जुलाई को महोबा से उसकी पत्नी और भाई मुलाकात करने पहुंचे थे। जेल में पहुंचकर उन्होंने दूसरी शिफ्ट में कालीचरण से मुलाकात की थी। हो सकता है इस मुलाकात में कालीचरण ने जेल से फरार होने की बात पत्नी और अपने भाई से भी बताई हो। मंगलवार को उसकी तलाश में महोबा पहुंची नैनी पुलिस और एसओजी ने उसके घर और रिश्तेदारों के यहां छापा मारा लेकिन न तो उन्हें कालीचरण की पत्नी मिली और न ही भाई। संवाद
कालीचरण का जीजा भी नैनी जेल में है सजायाफ्ता
कालीचरण के साथ उसके जीजा को भी सजा सुनाई गई थी। इसी मामले में सजा होने के बाद उसका जीजा भी केंद्रीय कारागार नैनी शिफ्ट हुुआ था, लेकिन नैनी जेल के अंदर बंदी कालीचरण और उसके जीजा को जेल प्रशासन द्वारा अलग अलग चक्र में रखा गया था। दोनों को अलग-अलग काम भी दिया गया था। जेल अधिकारी उसके फरार होने के बाद उसके जीजा से भी मामले में पूछताछ कर चुके हैं।