‘प्रधानमंत्री जी, इंजीनियरिंग के डिग्री और डिप्लोमा होने के बावजूद हम नौकरी के लिए भटक रहे हैं। अगर यही हालात रहे तो हमे पकौड़ा बेचना पड़ेगा। निवेदन है कि वर्षों से लंबित पड़े उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2013 का परिणाम जारी कराने की कृपा करें।’ प्रधानमंत्री को संबोधित ऐसा ही एक पत्र प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भी भेजा गया है। पत्र भेजने वाले हैं अभियंत्रण सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी, जिन्होंने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के बाहर एक ठेले पर पकौड़ा तल कर सांकेतिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों और आयोग सचिव के बीच हुई वार्ता भी विफल हो गई। आयोग के गेट पर बेमियादी धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
अभियंत्रण सेवा परीक्षा के तहत अवर अभियंता (जेई) के 3222 और सहायक अभियंता (एई) के 936 पदों पर भर्ती वर्षों से अटकी हुई है। परीक्षा का आयोजन पिछली सरकार में किया गया था और इसके बाद कॉपियाें के बंडल धूल फांकते रहे। सरकार बदलने के बाद कॉपियां निकलवाई गईं और मूल्यांकन का काम शुरू हुआ लेकिन इसमें काफी वक्त लग गया। आयोग को कॉपियां जांचने के लिए विशेषज्ञ नहीं मिल रहे थे। शासन के हस्तक्षेप के बाद विशेषज्ञ मिले तो आयोग ने जून के अंत तक एई और अगस्त में जई का परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया।
समय बीत गया और परिणाम जारी नहीं हुआ। धरने पर बैठे कुछ अभ्यर्थियों और आयोग के सचिव जगदीश के बीच बृहस्पतिवार को वार्ता हुई। सचिव ने कहा कि जेई की कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है और मॉडरेशन चल रहा है। 15 जुलाई तक परिणाम जारी करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसी ही आश्वासन अभ्यर्थियों को पहले भी मिल चुका है, सो आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हुए और धरना जारी रखने का निर्णय लिया। साथ ही पकौड़ा तल कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अभ्यर्थी अजीत सोनकर, सनी कुमार, योगेंद्र यादव, सुशील कुमार कुशवाहा, दिव्यांशु समेत बरेली, मिर्जापुर, गारेखपुर, सहारनपुर, कानपुर, जौनपुर और प्रदेश के अन्य जिलों से आए अभ्यर्थी मौजूद रहे।