यूपी स्पेशल टास्क फोर्स और बदमाशों के बीच मुठभेड़
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यूपी एसटीफ की नोएडा यूनिट और प्रतापगढ़ पुलिस की थाना रानीगंज क्षेत्र प्रतापगढ़ अंतर्गत बदमाशों से मुठभेड़ हुई है। जिसमें बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। टीम द्वारा आत्मरक्षा में किए गए फायर में एक बदमाश को गोली लगी। घायल बदमाश को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक बदमाश की पहचान बबलू पुत्र भूरा निवासी कसाई टोला थाना कोतवाली कन्नौज के रूप में हुई है, जो वर्ष 2003 में थाना कोतवाली प्रतापगढ़ के लोमहर्षक डकैती की घटना में वांछित था। इसमें डकैती डालते समय परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।
इस मुकदमे में वर्ष 2007 में माननीय अदालत ने 3 सहअपराधियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसी मुकदमे में प्रतापगढ़ से 50,000 का इनाम घोषित हो रखा था। इसके अतिरिक्त कानपुर नगर के थाना कल्याणपुर और थाना बिधनु के दो डकैती के साथ हत्या के मुकदमों में, सहारनपुर से पुलिस कस्टडी से फरार और थाना सरधना मेरठ के डकैती के साथ हत्या के केस सहित 5 केसों में वांछित चल रहा था।
बबलू छैमार घुमंतू जनजाती का है और गैंग बनाकर डकैती की घटना को पूरे उत्तर प्रदेश में घूमघूमकर अंजाम देता था। बबलू पर डकैती और डकैती के साथ कई जघन्य हत्यायों के 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस मुठभेड़ में एसटीफ के 2 लोग भी घायल हो हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। इसके पास से एक फैक्टरी मेड बंदूक, एक पिस्टल, एक तमंचा सहित भारी मात्रा कारतूस मिले हैं।