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Prayagraj News: साल भर से रोजगार सेवकों को नहीं मिला मानदेय, रक्षाबंधन पर फूटा गुस्सा

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रोजगार सेवकों का जनपद में 6 से 12 महीने का मानदेय बकाया होने के साथ ही ईपीएफ कटौती की धनराशि खाते में न जमा होने से नाराज रोजगार सेवकों ने फूलपुर में बैठक कर आमरण अनशन की रणनीति बनाई। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पटेल ने कहा कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण रक्षाबंधन पर भी रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान नहीं हो सका।
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जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने उपायुक्त मनरेगा पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, रोजगार सेवकों के बकाये मानदेय व ईपीएफ भुगतान के लिए शासन द्वारा कई बार धनराशि भी उपलब्ध कराई गई। शासन द्वारा रोजगार सेवकों को प्रतिमाह निर्धारित मानदेय देने का शासनादेश जारी किया गया है। लेकिन, अफसर आदेश को दरकिनार कर दे रहे हैं। आमरण अनशन करने की चेतावनी देते हुए कहा की आजादी के इतने वर्षों बाद भी रोटी के लिए रोजगार सेवकों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। मंडल अध्यक्ष विजय चंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि रोजगार सेवकों की मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वह रोजगार सेवक उपायुक्त मनरेगा के कार्यालय में भूख हड़ताल पर बैठने को बाध्य होंगे। इस मौके पर हरिओम प्रकाश, अखिलेश पटेल, अजीत मिश्रा, सुरेश चंद्र, मानसिंह, रामबहादुर, अनिल यादव, संतलाल गुप्ता, अजय गुप्ता मौजूद रहे।
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