बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले में पैरोकारी के लिए आए दिनेश शर्मा ने अपना संकल्प साझा किया। बताया, यह संकल्प 2021 में लिया था, तब से निरंतर जारी है। तीन साल से वह दूध और फल खाकर भगवान की भक्ति में लगे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के पक्षकार दिनेश शर्मा तीन साल से अन्न छोड़े हुए हैं। वह दूध-फल ही खाते हैं। उन्होंने संकल्प ले रखा है कि जब तक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान से मस्जिद नहीं हटा दी जाती, वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। तब तक नंगे पाव रहेंगे। वह गाय को राष्ट्र माता घोषित करने और मथुरा में शीतला माता कुआं पूजन को लेकर भी संघर्षरत हैं।
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बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले में पैरोकारी के लिए आए दिनेश शर्मा ने अपना संकल्प साझा किया। बताया, यह संकल्प 2021 में लिया था, तब से निरंतर जारी है। तीन साल से वह दूध और फल खाकर भगवान की भक्ति में लगे हैं। रास्ता कितनी ही पथरीला क्यों न हो, चप्पल-जूते भी नहीं पहनते। उन्होंने दावा किया कि हिंदू पक्ष के पास तमाम प्राचीन साक्ष्य हैं, जिससे यह साबित हो जाएगा कि मंदिर को तोड़कर ही मस्जिद बनाई गई है।
खून से पत्र लिखकर बासेड़ा पूजन की उठाई है मांग
दिनेश ने बसोड़ा पूजन की मांग करते हुए खून से लिखा पत्र मुख्यमंत्री को भेजा है। बताया कि प्राचीन काल से माताएं-बहनें प्राचीन कुआं पर पूजा करती आ रही हैं। सपा सरकार ने पूजा पर रोक लगा दी थी। इस मांग के पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।