हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. चंद्रचूड की विदाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एशिया के सबसे बड़े उच्च न्यायालय में दो वर्ष सात माह तक मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड बृहस्पतिवार को यहां से विदा होते समय भावुक हो उठे। उन्होंने अपने कार्यकाल में किए कार्यों को याद करते हुए कहा कि यहां उनको सभी से भरपूर सहयोग मिला, जिसकी बदौलत ही न्याय प्रशासन का संपादन वह कुशलता पूर्वक कर सके। इस दौरान आम जनता को न्याय देने के कार्य में भी गति आई। बार की ओर से मिले सहयोग की चर्चा करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि तमाम मतभेदों के बावजूद बार से उनको पूरा सहयोग मिला, जिसकी वजह से हम लक्ष्य प्राप्ति में सफल रहे। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीशों का कार्यकाल लंबा होना चाहिए, ताकि वह समस्याओं को समझकर उनका निदान कर सकें।
जस्टिस चंद्रचूड ने अपनी पत्नी से मिले सहयोग की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि हर कदम पर पत्नी का सहयोग मिलने के कारण ही वह सफलता हासिल कर सके। अंत में उन्होंने कहा यदि पूरे कार्यकाल के दौरान उनके किसी कार्य से किसी को दुख पहुंचा हो तो इसका मुझे खेद है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति वीके शुक्ल ने जस्टिस चंद्रचूड के जीवन वृत्त और उनके द्वारा दिए गए फैसलों की चर्चा की। महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड के सहयोग और प्रयासों की बदौलत उत्तर प्रदेश की न्याय पालिका में उल्लेखनीय सुधार करने में सरकार कामयाब रही है। डिजिटलाइजेशन सेंटर, जेलों और जिला अदालतों में वीडियो कांफ्रे सिंग की सुविधा, अदालतों को चौबीस घंटे बिजली देने, जजों की संख्या बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड के व्यक्तित्व और कार्यप्रणाली से हर कोई अभिभूत है। उनका सौम्य व्यवहार और न्यायप्रियता लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जस्टिस चंद्रचूड को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने से अधिवक्ता स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। अपर सॉलीसिटर जनरल अशोक मेहता और एडवोकेट्स एसोएिशन के अध्यक्ष बीपी सिंह ने भी विदाई समारोह को संबोधित किया।
जस्टिस चंद्रचूड को वकीलों की ओर से भी विदाई दी गई। लाइब्रेरी हॉल में आयोजित समारोह में मुख्य न्यायाधीश को श्रीफल और अंगवस्त्रम् देकर विदा किया गया। बार की ओर से एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया। इस मौके पर जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन देश की सबसे बड़ी और मजबूत बार है। यहां से बहुत ही अच्छे अधिवक्ता निकले हैं, जिन्होंने न्याय जगत में नाम किया है। विदाई समारोह की अध्यक्षता राधाकांत ओझा ने और संचालन अशोक कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।