इलाहाबाद (ब्यूरो)। देश में 40 दशक पूर्व आपातकाल का दंश झेल चुके लोकतंत्र के पहरुओं ने बृहस्पतिवार को आपातकाल का पुतला फूंकते हुए इसे काला दिवस के रूप में मनाया। राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों ने भी इससे जुड़ी यादों को ताजा किया। क्षोभ जताते हुए राजनैतिक बंदियों को फ्रीडम फाइटर का दर्जा दिए जाने के साथ पेंशन, सुविधाएं देने की मांग की।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति के सदस्यों ने आपातकाल की 40वीं बरसी पर सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पर सभा की। समिति के अध्यक्ष विद्याधर मालवीय ने लालकृष्ण आडवाणी के कथनों को याद किया। कहा कि आडवाणी ने कहा है कि संविधान में ऐसे प्राविधान नहीं किए गए हैं कि फिर आपातकाल न लागू किया जा सके। आडवाणी ने जेपी आंदोलन को दूसरी आजादी की लड़ाई बताते हुए आपातकाल के बंदियों को फ्रीडम फाइटर का दर्जा दिए जाने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
प्रदर्शन में गोपाल जी मिश्रा, रमेश कुशवाहा, मो. फाकिर, कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रियल सिंह कुशवाहा, रवि बाबू जायसवाल, डॉ. शेषनाथ, रमेश चंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन ने सिविल लाइंस कैंप कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्यवक्ता हरि नारायण मिश्र ने अपने अनुभव बताए। उन्होंने 1975 की घटना को वर्तमान राजनीतिक हालात से जोड़ा। इस मौके पर रविंद्र यादव, गिरजा शंकर यादव, ननकऊ यादव, शाहिद प्रधान, घनश्याम यादव आदि मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने बैठक करते हुए इसे काला दिवस के रूप में मनाया। अध्यक्षता करते हुए नरेंद्र देव पांडेय ने तत्कालीन समय की घटना को याद किया। कहा कि उन्हें 26 जून को डॉ. मुरली मनोहर जोशी, जनेश्वर मिश्र को उनके घर से और उन्हें कचहरी से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं से आपातकाल के लिए माफी मांगने की बात कही।
बैठक में तुलसी दास राना, शिवदत्त पटेल, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, भोला पांडेय, जीत लाल त्रिपाठी, श्याम बिहारी पांडेय, अश्वनी जैन, ब्रह्मानंद पांडेय, मंगला प्रसाद मिश्र आदि मौजूद रहे।