इलाहाबाद हाईकोर्ट से यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में दाखिल चार्जशीट और जारी समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दी है। ऐसे में अब उन्हें रेव पार्टी में ड्रग्स व सांप के जहर का लोगों को नशा कराने के आरोप में दर्ज मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने सोमवार को याचिका खारिज कर दी।
गौतम बुद्ध नगर, नोएडा, थाना सेक्टर-49 में एल्विश यादव के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में व रेव पार्टी में ड्रग्स और सांप के जहर का लोगों को सेवन कराने व अन्य कई आरोप में मुकदमा दर्ज है। आरोपपत्र में कहा गया था कि यूट्यूब वीडियो बनाने के लिए सांपों और सांप के जहर का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही रेव पार्टियों का आयोजन करने और विदेशियों को बुलाने और उन्हें सांप के जहर और अन्य नशीली दवाओं का सेवन कराने का आरोप लगाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम), गौतमबुद्ध नगर ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए समन आदेश जारी किया था। एल्विश यादव ने समन आदेश और चार्जशीट को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि शिकायतकर्ता वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए सक्षम व्यक्ति नहीं था। आवेदक से कोई सांप, ड्रग्स आदि बरामद नहीं हुआ है। आवेदक और अन्य सह-अभियुक्तों के बीच किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। वहीं, अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने दलील दी कि जांच में सामने आया है कि यादव ने उन लोगों तक सांप पहुंचाया था, जिनसे बरामदगी हुई थी। न्यायालय ने पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
अलग-अलग कई धाराओं में दर्ज है एफआईआर
एल्विश यादव के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और आईपीसी व एनडीपीएस अधिनियम की कई धाराओं में मामला दर्ज है। इसी मामले में नोएटा सेक्टर-49 में एक थाने में दर्ज एफआईआर में एल्विश के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई है। साथ ही अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा समन भी जारी किया गया है।