उत्तर प्रदेश लोक सेवा की ओर से मंगलवार को पीसीएस-2017 प्री समेत मात्र तीन भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित किए जाने से प्रतियोगियाें में घोर निराशा है। समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) समेत कई भर्तियों की परीक्षाओं को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है। इनके अलावा लोअर सबऑर्डिनेट, आरओ-एआरओ के नए विज्ञापन का भी प्रतियोगियों को लंबे समय से इंतजार है लेकिन इस बाबत आयोग की चुप्पी से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
आरओ-एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा नवंबर में हो चुकी है लेकिन अभी तक उसका रिजल्ट घोषित नहीं हो सका। अभ्यर्थियों ने इसका पेपर आउट होने का भी आरोप लगाया है। ऐसे में आयोग की ओर से संशोधित कैलेंडर में मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम घोषित नहीं होने से कई तरह की आशंकाएं बन गई हैं। इसके अलावा इंजीनियरिंग सेवा, सहायक कुलसचिव, अपर निजी सचिव कई भर्ती परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित नहीं होने से भी प्रतियोगियों को झटका लगा है।
इनके अलावा लोअर सबऑर्डिनेट के पदाें तथा आरओ-एआरओ के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए भी अधियाचन आ चुका है। भर्तियों पर रोक से पहले आयोग में इन पदों के लिए विज्ञापन निकाले जाने की भी तैयारी हो गई थी लेकिन संशोशित कार्यक्रम में इन भर्तियों का भी कोई जिक्र नहीं है। इससे भी प्रतियोगियों में निराशा है। अशोक पांडेय, आशीष मिश्र आदि का कहना है कि एपीओ आदि भर्तियों के लिए भी विज्ञापन का इंतजार था लेकिन गतिरोध कायम रहने से युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।
आयोग की ओर से जारी परीक्षा कार्यक्रम में सीधी भर्ती के पदों का भी जिक्र नहीं है। इससे ईतर प्रदेश सरकार ने ज्यादातर भर्तियों से साक्षात्कार खत्म करने की तैयारी की है। एक नियत स्केल से नीचे के पदों पर भर्ती लिखित परीक्षा या एकेडमिक मेरिट के आधार पर कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इस जद में आयोग की भी कई भर्तियां आएंगी, जो अभी सीधी भर्ती (मात्र साक्षात्कार के आधार पर) के तहत भरी जाती हैं। आयोग के परीक्षा कार्यक्रम में ऐसी भर्तियों का जिक्र नहीं होने से इस आशंका को और बल मिला है। हालांकि ऐसा करने से पहले सरकार को आयोग की संस्तुति लेनी होगी।