500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने के बाद ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने ग्राहकों के समक्ष कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प खत्म कर दिया है। लोगों को उम्मीद थी कि उनके पास जो पुराने नोट बचे हैं वे उसे कैश ऑन डिलीवरी में खपा देंगे। लेकिन ई कामर्स कंपनियां ने यह विकल्प खत्म कर दिया है। कंपनियों ने तमाम लोगों के आर्डर भी निरस्त कर दिए हैं। साथ ही कहा कि ग्राहक सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट से ही खरीदारी कर सकते हैं।
पिछले कुछ माह से ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आठ नवंबर की रात से 500 एवं 1000 के नोट बंद करने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उनके पास जो बड़े नोट बचे हैं वे कैश ऑन डिलीवरी में खपा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। ऐसा इसलिए क्योंकि ई कामर्स की प्रमुख कंपनियों ने कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प खत्म कर दिया है। ई-कॉमर्स की अमेजॉन कंपनी ने एक संदेश जारी करते हुए कहा कि ‘हमने कैश ऑन डिलीवरी कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया है ताकि आपके पास जरूरी पेमेंट्स के लिए कैश बचा रहे’। कंपनी द्वारा लोगों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड्स या फिर नेट बैंकिंग के इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई। इसके अलावा कई अन्य ई कामर्स साइटों ने भी कैश ऑन डिलीवरी के विकल्प के बजाय ऑन लाइन पेमेंट को तरजीह देनी शुरू कर दी है।
ई कामर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने एक हजार के ऊपर के सामान की खरीद पर कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन बंद कर दिया है। कंपनी द्वारा एक हजार के ऊपर की खरीददारी के लिए ऑनलाइन पेमेंट के ऑप्शन को ही तरजीह दी है।
0 अन्य कंपनियों ने भले ही कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन बंद कर दिया हो लेकिन ई-कॉमर्स साइट स्नैपडील ने भुगतान के लिए अभी इस ऑप्शन को बरकरार रखा है। हालांकि एक मैसेज से यह भी साफ कर दिया कि डिलीवरी के दौरान केवल वैध नोट ही स्वीकार होंगे। यानी पुराने नोट मान्य नहीं होंगे।
‘ई-कामर्स कंपनियों के पास काई ऑप्शन नहीं बचा है। इसी वजह से तमाम कंपनियों ने कैश ऑन डिलीवरी के ऑप्शन को कुछ समय के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। लोगों के पास ऑन लाइन पेमेंट का ऑप्शन है। ’
00 पवन जायसवाल, कर एवं वित्त सलाहकार।