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प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी शुरुआत से सीखेंगे अंग्रेजी

Tue, 18 Jul 2017 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी भी कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों की भांति शुरुआत से ही अंग्रेजी सीखेंगे। शिक्षक कक्षा एक से विद्यार्थियों को अंग्रेजी सिखाएंगे। इसके साथ कक्षा तीन से संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के हर विद्यार्थी का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनेगा। इससे उनकी सही संख्या का पता चल सकेगा। आगे आधार कार्ड के आधार पर ही मिड डे मील (एमडीएम) की भी व्यवस्था होगी।
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सोमवार को सीमैट में आए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. वेदपति मिश्रा ने कहा कि  कॉन्वेंट स्कूलों में विद्यार्थियों को शुरुआत से ही अंग्रेजी की शिक्षा दी जाती है, जिससे वह चौथी-पांचवीं कक्षा में पहुंचने तक अंग्रेजी बोलने लगते हैं। प्राथमिक विद्यालयों में कॉन्वेंट स्कूलों से ज्यादा शिक्षित और प्रशिक्षित शिक्षक हैं। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से ही विद्यार्थियों को अंग्रेजी सिखाई जाएगी और कक्षा तीन से संस्कृत की शिक्षा भी दी जाएगी। बताया कि यूपी बोर्ड अगले वर्ष से एनसीईआरटी का कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है। परिषदीय विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा। अभी एससीईआरटी को पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहा है, वह एनसीईआरटी का ही है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार कम होना चिंता का विषय है। बच्चे विद्यालयों में आए, इसके लिए लगातार अभियान चल रहा है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए एक से 15 मई तक अभियान चला। इसमें ऐसे विद्यार्थियों को चिह्नित किया गया जो विद्यालय नहीं आ रहे हैं। उन्हें विद्यालय में प्रवेश दिलाने की कार्रवाई हो रही है। बताया कि आधार कार्ड अनिवार्य होने से प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सही संख्या का पता चल सकेगा। वर्तमान में प्रदेशभर के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.52 करोड़ बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 36 फीसदी का आधार पंजीकरण हो चुका है। एजेंसी के जरिए शेष विद्यार्थियों का भी अभियान चलाकर आधार नामांकन कराया जा रहा है। आने वाले समय में जिन बच्चों का आधार होगा, उन्हीं को मध्यान भोजन मिलेगा। विद्यालयों में हर वर्ष बच्चे बढ़ते हैं सो आधार के लिए खुद का सेटअप भी तैयार किया जाएगा। बताया कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं की अलग-अलग संख्या भी जुटाई जा रही है। इससे जेंडर गैप का पता चल सकेगा।
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निदेशक डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में कॉन्वेंट स्कूलों से ज्यादा शिक्षित अध्यापक नियुक्त हैं लेकिन शिक्षा का स्तर नहीं सुधर रहा है, क्योंकि शिक्षक निष्ठा और लगन से नहीं पढ़ाना चाहते। इसके लिए नया सिस्टम डिजिटल डाटा बेस जल्द शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की जाएगी। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी। इस व्यवस्था के बाद शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आएंगे। इसके बाद भी वे अनुपस्थित रहते हैं तो यह माना जाएगा कि बिना एबीएसए की जानकारी के शिक्षक ऐसा नहीं कर सकते सो एबीएसए के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल चलो अभियान के तहत रथ निकाला जाएगा। इसके जरिए अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जागरूक किया जाएगा। निदेशक ने बताया कि इसके लिए सभी बीएसए के निर्देश दिए गए हैं कि वे रैली निकालें, एबीएसए, एसएमसी सदस्यों के साथ अभिभावकों को भी उसमें शामिल करे। एमएमसी सदस्य ऐसे बच्चों को चिह्नित करें जिनके माता-पिता उन्हें स्कूल नहीं जाने देते। ऐसे भी बच्चों को चिह्नित किया जाए जो विद्यालय नहीं आना चाहते। उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। बताया कि यह भी योजना बनाई जा रही है कि सुबह प्रार्थना शुरू होने पर एक-दो अध्यापक विद्यालय में ही रुकें और शेष गांव में जाकर जो विद्यार्थी विद्यालय नहीं आए हैं, उन्हें लेकर आएं। ऐसा बीच-बीच में 10-15 दिन चले तो स्थिति ठीक होगी।

सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक डॉ.वेदपति मिश्रा ने स्पष्ट किया कि शहर और दूर-दराज के इलाकों चल रहे फर्जी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 31 मार्च के बाद मानक पूरा न करने वाले विद्यालयों की सूची तैयारी हो गई है। सूचना एकत्र कर कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों की मान्यता के नाम पर एबीएसए द्वारा अवैध वसूली के मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशक ने साफ किया कि उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

बेसिक शिक्षा सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि शिक्षकों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। प्रदेश में करीब 4.92 लाख शिक्षक हैं। निजी सूचना एकत्र करने के बाद रजिस्ट्रेशन, आधार, सर्विस बुक आदि के जरिए अब तक 4.52 लाख शिक्षकों का सत्यापन हो गया है।
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