बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे से बारिश के साथ तेज हवा चलने से बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने और लोकल फॉल्ट का सिलसिला शुरू हो गया। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के मोड़ पर पेड़ गिरने से बिजली के तार तो टूटे ही, खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए। स्टेनली रोड, करेली में पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए। राजापुर और सादियाबाद समेत कई इलाकों में खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई।
सर्कुलर रोड, घुंघरू चौराहा और पीपलगांव आदि जगहों पर पेड़ गिर गए। गौसनगर, कसारी-मसारी, कालिंदीपुरम और करैला बाग आदि जगहों पर पेड़ों की टहनियां तारों पर गिरीं, जिससे तार टूट गए।
पुराना कटरा, बेलीगांव, म्योराबाद, मम्फोर्डगंज, धूमनगंज, अलोपीबाग, राजापुर, अल्लापुर, लूकरगंज, शिवकुटी में भी फॉल्ट के चलते बिजली गुल रही। नेवादा के रहने वाले परीक्षित सिंह ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे ही मोहल्ले में बिजली काट दी गई जिससे पेयजल का संकट भी बना रहा। दोपहर करीब 2:30 बिजली चालू की गई।
400 केवीए का जल गया ट्रांसफाॅर्मर
सिविल लाइंस में फीडर में गड़बड़ी आने से सुबह छह बजे से गुल हुई बिजली आपूर्ति 11 बजे के बाद चालू हुई। शिवाजी पार्क बहादुरगंज में जलभराव से अंडरग्राउंड केबल में शाॅर्ट सर्किट हो गया, जिससे यहां लगा 400 केवीए का ट्रांसफाॅर्मर जल गया।
बारिश के चलते मिंटो पार्क से कई उपकेंद्रों में होने वाली आपूर्ति ट्रिप कर गई। इससे शहर का एक चौथाई हिस्सा रामभवन, बहादुरगंज, बतासा मंडी, मीरापुर, बलुआघाट, गऊघाट, कीडगंज, साउथ मलाका, बैरहना, जीरो रोड, मलाकराज आदि मोहल्ले में बिजली की आवाजाही लगी रही।
बजते रहे कंट्रोल रूम
पर घंटी
विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम मेें बुधवार देर रात से ही अगले दिन तक फोन की घंटी बजनी शुरू हो गई। हर किसी का यही सवाल था, बिजली कब आएगी। जवाब मिला कि तेज हवा, बारिश के चलते कटौती की गई है। कुछ ही देर बार आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। शहरी क्षेत्र के अलावा गंगापार और यमुनापार में भी बारिश और तेज हवा के कारण बिजली के खंभे व लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई।
बिजली गुल होने से बृहस्पतिवार सुबह पेयजल का संकट हो गया। काफी देर इंतजार के बाद बिजली आई तो राहत मिली। अक्सर बिजली कटौती की जाती है। - मनी साहू, करबला
बिजली कटौती का बहाना चाहिए। वैसे तो अक्सर बिजली कटती ही है लेकिन जब बारिश हो या फिर हवा चलती है तो तुरंत बिजली काट दी जाती है। - मनोहर लाल, चकिया
गर्मी में सही से बिजली नहीं मिल पाई है। अब बारिश में भी दिक्कत होने लगी है। अक्सर बिना कोई सूचना के बिजली कटौती कर दी जाती है। - अबरार अहमद, दायरा शाह अजमल, रानी मंडी
सुबह सोकर उठा तो बिजली नहीं थी। लगा थोड़ी देर में आ जाएगी लेकिन घंटों बिजली कटौती रही। इससे पेयजल का भी संकट बना रहा। बिजली कटौती में अक्सर मनमानी की जाती है। -सौरभ सिंह, राजापुर