आस्था की नगरी बसाने आए संत बिजली-पानी के लिए तरस गए हैं। सुविधाओं के लिए वे मेला प्रशासन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनका आरोप है कि मेला प्रशासन के लोग उन्हें जानबूझ कर परेशान कर रहे हैं। दंडीबाड़ा के ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी का कहना है कि वे सालों से शिविर लगाते आ रहे हैं जिसके रिकार्ड भी उनके पास हैं। उन्हें कितनी सुविधा मिलती रही उसका रिकार्ड है पर मेला प्रशासन कार्यालय के लोग उन्हें बिजली-पानी, शौचालय की सुविधा के लिए चक्कर लगवा रहा है।
जीटी रोड स्थित महंत रामउास, महंत रघुनाथ शास्त्री, ज्ञान आश्रम चित्रकूट, रामनामी आदि संस्थाओं के लोगों का आरोप था कि मेला प्रशासन के कुछ लोग उनसे सुविधाओं के लिए सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं न देने पर उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। महंत रामेश्वरदास ने बताया कि उन्हें भूमि आवंटन के साथ सुविधा पर्ची भी जारी की जा चुकी है पर अभी तक उन्हें मेला कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। खुले में उनका सामान पड़ा है जो बारिश होने से भीग चुका है। काली सड़क स्थित तीर्थ पुरोहित अनूप पांडेय का कहना है कि काली सड़क उत्तरी पटरी पर चकर्ड प्लेट नहीं बिछाई गई है।