ईद की पूर्व संध्या पर खरीददारी करतीं महिलाएं।
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शबे कद्र पर शनिवार को घरों से मस्जिदों तक रात भर अल्लाह की इबादत हुई। रविवार को ईद का चांद देखने का एहतमाम होगा। इस दिन चांद दिखा तो ईद सोमवार को या फिर मंगलवार को मनाई जाएगी। इस बीच ईदगाह से लेकर मस्जिदों तक ईद की नमाज का समय निर्धारित कर दिया गया है। जहन्नम से आजादी का तीसरा अशरा खत्म होने वाला है। मुसलमान नमाज, रोजा, तिलावत के साथ नेक कामों के जरिए अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। शनिवार को 28वां रोजा अल्लाह की याद में गुजरा।
रोजेदार रविवार को 29वां रोजा पूरा करके ईद का चांद देखेंगे। अगर चांद की तस्दीक हुई तो सोमवार 31 मार्च को ईद होगी, लेकिन अगर चांद नहीं दिखा तो मंगलवार को ईद मनाई जाएगी। उलेमाओं ने चांद देखने की तैयारी पूरी कर ली है।
कमेटी ने सड़कों पर नमाज अदा नहीं करने की अपील
प्रगागराज। ईदगाह इंतजामिया कमेटी ने सड़क पर ईद की नमाज न पढ़ने की अपील की है। इसी तरह मरकाजी रूयते हिलाल कमेटी जामा मस्जिद चौक की ओर से अपील की गई कि सड़कों पर नमाज न पढ़ने की कोशिश करें। अपने मोहल्ले की मस्जिदों में नमाज पढ़ें, ताकि किसी को आवागमन में असुविधा न हो। ब्यूरो
ईदगाह और मस्जिदों में तैयारी मुकम्मल
प्रयागराज। ईद के मद्देनजर ईदगाह और मस्जिदों को रंग-रोगन कराया गया है। सूफी सुल्तान मियां कादरी ने बताया, ईदगाह का अर्थ होता है खुशी का इजहार करने की जगह, इसलिए कोशिश रहे कि ईद की नमाज ईदगाह में ही अदा करें। नायब शहर काजी रईस अख्तर हबीबी ने बताया कि चांद देख कर ही रोजा बंद करें, अगर आसमान साफ नहीं है तो 30 की गिनती पूरी करनी चाहिए।