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Air Force Engineer Murder : सैन्य इंजीनियर की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा, 15 दिन पहले भी आए थे कातिल

Sun, 30 Mar 2025 04:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सैन्य इंजीनियर की हत्या में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। परिजनों की माने तो 15 दिन पहले भी कुछ लोग हत्या के इरादे से आवास पर धावा बोला था। दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई थी। अधिकारी के शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले थे। इसके बाद इंजीनियर ने अपने आवास के बाहर भी सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया था। 
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prayagraj murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वायु सेना के कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या की वारदात में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। जांच पता चला है कि लगभग 15 दिन पहले भी उन पर हमले का प्रयास किया गया था। आधी रात में उनके घर में जबरन घुसने की नीयत से दरवाजा तोड़ने की कोशिश हुई थी। अफसर के शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले थे। आशंका है कि हत्यारा कहीं उन्हीं में से एक तो नहीं। सूत्रों का कहना है, यह घटना करीब 15 दिन पहले हुई थी। आधी रात में कुछ लोग उनके घर पहुुंचे और दरवाजा पीटने लगे। दरवाजा नहीं खोलने पर तोड़ने का भी प्रयास किया। हालांकि, अफसर के शोर मचाने पर बदमाश भाग निकले।इस दौरान उनके वह औजार घर के बाहर ही छूट गए, जिससे दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई। इस मामले में अफसर की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।

घटना के बाद ही लगवाया सीसीटीवी कैमरा

सूत्रों का कहना है कि 15 दिन पहले हुई इस घटना के बाद अफसर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए फिक्रमंद रहने लगे थे। इसी को देखते हुए उन्होंने एक-दो दिन बाद ही अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाया। वह जानते थे कि पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों से लैस है। इसके बावजूद अतिरिक्त सक्रियता बरतते हुए उन्होंने अपने आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगवाया।

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घर से मोर्चरी तक मातम, रिश्तेदार-परिचित स्तब्ध

हत्या के बाद अफसर के बमरौली स्थित घर से लेकर मोर्चरी तक मातम पसरा रहा। पत्नी-बेटा व बेटी बिलखते रहे तो बिहार से आए भतीजे व अन्य रिश्तेदार भी गहरे सदमे में रहे। यहां तक कि साथ काम करने वाले कर्मचारी भी गमगीन रहे।

अफसर की पत्नी वत्सला व बेटा माधवेंद्र वायुसेना स्टेशन परिसर स्थित आवास में उनके साथ ही रहते थे। बेटा 10वीं कक्षा में है। जबकि, बेटी कावेरी लखनऊ में रहकर बीएएलएलबी की पढ़ाई कर रही है। इसी साल उसका दाखिला हुआ है। घटना की जानकारी पर वह भोर में ही चलकर सुबह नौ बजे के करीब घर पहुंची। तब तक उसे पिता की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। वहां पहुंचने पर पता चला तो वह फूट-फूटकर रोने लगी।

उधर घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में बिहार से उनके पैतृक गांव से भी रिश्तेदार व अन्य परिजन आ गए। भतीजे अभिनव ने बताया कि अफसर चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। इनमें से उसके पिता व एक अन्य भाई का निधन हो चुका है।

घर के चाचा सत्येंद्र नारायण ही घर के सारे फैसले लिया करते थे। यकीन नहीं हो रहा कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहे। उधर मर्चरी पहुंचे कर्मचारी व कॉन्ट्रैक्टर भी गमगीन रहे। उधर एक रिश्तेदार ने बताया कि परिजन देर शाम शव लेकर रवाना हो गए हैं। अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा।

निजी रंजिश न कार्यस्थल पर विवाद, फिर वजह क्या?

कमांडर वर्क इंजीनियर की हत्या में सबसे बड़ा सवाल वारदात की वजह को लेकर उठ रहा है। परिजनाें ने किसी भी रंजिश की बात से इन्कार किया है। कार्यस्थल को लेकर भी कोई विवाद सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती हत्या की वजह को खोजना ही है। पुलिस अफसरों के मुताबिक मृतक की पत्नी व बच्चे किसी से विवाद की बात से इन्कार करते रहे। परिचित व रिश्तेदारों ने भी किसी विवाद की जानकारी होने की बात नहीं बताई। मोर्चरी पहुंचे भतीजे अभिनव मिश्रा ने भी यही कहा, परिवार की कोई निजी रंजिश नहीं है।

मोर्चरी पहुंचने वालों में बड़ी संख्या अफसर के कार्यालय में काम करने वाले उनके मातहत कर्मचारियों की भी रही। उनसे बात की गई, लेकिन वह भी किसी विवाद के बाबत कुछ बता नहीं सके। उनका कहना था कि वह बेहद विनम्र थे। कभी किसी से ऊंची आवाज में बात तक नहीं की। कार्यस्थल या काम से जुड़ा कभी कोई विवाद नहीं रहा। कर्मचारी भी स्तब्ध थे कि कोई कैसे उनकी हत्या कर सकता है।

शाम को ही गंगा आरती में हुए थे शामिल

अफसर की हत्या की सूचना पर मोर्चरी पहुंचने वालों में उनके ड्राइवर दिलीप भी शामिल रहे। बताया कि शुक्रवार शाम को अफसर पत्नी व बेटे के साथ संगम गए थे। वहां सभी गंगा आरती में शामिल हुए। इसके बाद घर लौट आए और फिर वह भी घर चला गया। सुबह घटना की जानकारी हुई तो उसे यकीन नहीं हुआ। इसके बाद वह इंजीनियर के घर गया और फिर वहां से अस्पताल पहुंचा।            

कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के बिंदु पर भी जांच

घटना को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उससे एक आशंका यह भी है कि यह कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला तो नहीं। पुलिस इस बिंदु को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। हालांकि, अफसरों का यह भी कहना है कि सैन्य परिसर जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में घुसकर भाड़े पर हत्या करने की संभावना कम ही नजर आती है। फिर भी इसे सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता।
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चोरी से तेल बेचते पकड़े गए कर्मचारी को किया था सस्पेंड

पुलिस सूत्रों का कहना है कि कमांडर वर्क इंजीनियर से जुड़े हाल के दो घटनाक्रम सामने आए हैं। उन्होंने कुछ दिनों पहले ही अपने अधीन गोरखपुर में काम करने वाले एक कर्मचारी को सस्पेंड किया था। वह चोरी से सरकारी गाड़ी का तेल बेचते पकड़ा गया था। इसके अलावा बिहटा में दो कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद उन्होंने अपने अधीन काम करने वाले एक कर्मचारी को चार्जशीट थमाई थी। इन कार्रवाइयों से हत्या का कोई कनेक्शन तो नहीं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

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