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‘प्रयास’ से दिखा रहे बच्चों को जीवन की दिशा

Tue, 24 Feb 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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बड़े-बड़े तकनीकी संस्थानों में एडमिशन लेने वाले ज्यादातर युवाओं की सोच चार साल की पढ़ाई के बाद अच्छी जॉब करने की होती है। चार वर्षों में पढ़ाई के बाद का खाली वक्त दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने में ही बीतता है। मगर युवाओं की इस भीड़ से अलग कुछ टेकभनोक्रेट्स ऐसे भी हैं, जो अपने साथ ही उन बच्चों का भी भविष्य संवारने का काम कर रहे हैं, जो बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने में सभी सक्षम नहीं हैं। हम बात कर रहे हैं ट्रिपल आईटी के टेकभनोक्रेट्स के ग्रुप ‘प्रयास’ की, जो बच्चों के जीवन को दिशा दिखा रहे हैं। बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी कराई जाती हैं।
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अपने शेड्यूल में से वक्त निकाल कर ग्रुप के वालेंटिसर्य प्रतिदिन शाम को आसपास के गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं। बात सिर्फ बच्चों को पढ़ाने तक ही सीमित नहीं हैं। यह लोग अपनी पॉकेट मनी जोड़ने के साथ ही कॉलेज के और छात्र-छात्राओं से धनराशि एकत्र करके बच्चों की जरूरत का सामान उन्हें मुहैया कराते हैं। ग्रुप मैनेजर बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अतुल राठी कहते हैं डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने दोस्त पवन और आशीष के साथ ‘प्रयास’ को दुबारा शुरू किया था। इससे पहले ग्रुप एक वर्ष के लिए बंद हो गया था।

तीन लोगों से जुड़ते-जुड़ते आज ग्रुप में तकरीबन 150 वॉलेंटियर्स हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए सभी के अलग-अलग दिन निर्धारित हैं। जिन बच्चों को पढ़ाते हैं उनमें से कुछ स्कूल जाते हैं तो कुछ आसपास के ढाबों और रेस्टोरेंट्स में काम करते हैं। ग्रुप के सदस्य पवन ने बताया कि बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए ‘प्रयास’ के सांस्कृति कार्यक्रमों में उन्हें मौका दिया जाता है। ग्रुप को संस्थान की ओर से भी काफी सहयोग दिया जाता है।
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