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Prayagraj News: लखनऊ में अधिकरण का मुख्यालय बनाना कानून व सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन: अमरनाथ

Sun, 06 Sep 2020 12:29 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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supreme court - फोटो : पीटीआई
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरनाथ त्रिपाठी ने शिक्षा सेवा अधिकरण का मुख्यालय लखनऊ में बनाने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री को ई-मेल से पत्र भेजकर कड़ा विरोध किया है। कहा कि कैबिनेट का यह फैसला सुप्रीमकोर्ट के मद्रास बार एसोसिएशन केस, यूपी अमल्गमेशन आर्डर के तहत नसीरुद्दीन केस के फैसले एवं उप्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम के उपबंधों का खुला उल्लंघन है।
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त्रिपाठी ने प्रयागराज में ही शिक्षा सेवा अधिकरण स्थापित करने की मांग की है और कहा कि मुख्यमंत्री नेताओं व नौकरशाही के दबाव में फैसले न लेकर कानूनी दायित्व निभाएं। त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट का मद्रास बार एसोसिएशन केस का फैसला संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत होने के कारण कार्यपालिका और न्यायपालिका दोनों पर बाध्यकारी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि जहां हाईकोर्ट की प्रधान पीठ हो अधिकरण वहीं स्थापित किया जाए। त्रिपाठी ने कहा कि बेसिक से उच्च शिक्षा तक के मुख्यालय प्रयागराज में होने के नाते लखनऊ में अधिकरण की स्थापना करने का कोई औचित्य नहीं है।
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