पहले चरण में 34,000 विद्यालयों को देंगे
शब्दकोश की छपाई के लिए अभी बजट मांगा गया है। अधिकारियों के मुताबिक छपाई के बाद पहले चरण में प्रदेश के 1.35 लाख प्राइमरी विद्यालयों में से एक चौथाई को इसे भेजा जाएगा। इन किताबों से प्राइमरी के शिक्षक क्षेत्रीय भाषाओं के शब्द समझेंगे और फिर बच्चों को पढ़ाएंगे।
इन जिलों में प्रचलित हैं यह भाषाएं
अवधी भाषा अयोध्या, बहराइच, गोंडा, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई आदि जिलों में बोली जाती है। भोजपुरी का क्षेत्र विशाल है। यह पूर्वांचल के वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, बलिया के साथ-साथ बिहार में भी बोली जाती है। बुंदेली का प्रचलन बुंदेलखंड क्षेत्र में है। ब्रज भाषा मथुरा और आगरा के आसपास के कई जिलों में बोली जाती है। इन भाषाओं के आधार पर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटा जा सकता है।
अवधी, भोजपुरी, ब्रज और बुंदेली का शब्दकोश पहली बार तैयार किया गया है। इसका काॅपीराइट भी कराएंगे। छपने के बाद सबसे पहले यह कोश प्राइमरी स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा। फिर, बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इसे दीक्षा एप पर भी अपलोड किया जाएगा। - डॉ. दीप्ति मिश्रा, सहायक उप शिक्षा निदेशक, राज्य शिक्षा निदेशक, प्रयागराज