उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी-2014 मुख्य परीक्षा रविवार को संपन्न हो गई लेकिन इसके साथ कुछ विवाद भी जुड़ गए हैं। सिविल लाइंस स्थिति एक परीक्षा केंद्र पर दो अभ्यर्थियों को दूसरे कमरे में बैठाने का आरोप है। इसके अलावा शनिवार को हुई हिंदी के एक प्रश्न में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर भी विवाद शुरू हो गया है।
हिंदी के पेपर में आयोग ने पत्र लेखन में उच्चतर शिक्षा संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए उसका सार लिखने के लिए कहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में उच्चतर शिक्षण संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया में माफिया, नेताओं और पूंजीपतियों के हस्तक्षेप की आशंका जताते हुए इस पर निगरानी के लिए लिखने को कहा गया था। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं तो छात्र इसे खुद के आंदोलन से जोड़कर भी देख रहे हैं। इससे उनमें नाराजगी है।
रविवार को हुई परीक्षा में नेपाल भूकंप पर निबंध लिखने के लिए आया था। गौर करने वाली बात यह भी है कि प्रारंभिक परीक्षा भी भूकंप के झटके लगने के अगले दिन हुई थी। इससे परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों में काफी दहशत रही। इसके अलाव समसामयिकी के खंड में विश्व योग दिवस और सुकन्या समृद्धि योजना पर निबंध लिखने के लिए कहा गया था। अभ्यर्थियों को इन तीनों में से किसी एक पर निबंध लिखना था। इनके अलावा साहित्य और संस्कृति का संबंध, प्राचीन सामाजिक जीवन में प्राकृतिक-संपदा की भूमिका, वर्तमान रानजीति-मानवीय मूल्यों के संदर्भ में, बहुल प्रौद्योगिकी प्रसार का पर्यावरण पर प्रभाव, बहुकर प्रणाली का औचित्य और जैविक-कृषि और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में से अलग-अलग खंड से दो निबंध लिखने थे।