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ईरान के कुम व मसहद में प्रयागराज के ४० परिवार फंसे

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कोरोना वायरस की चपेट में आए खाड़ी देश ईरान के कुम व मशहद शहरों में प्रयागराज के 40 से अधिक परिवार फंसे हुए हैं। कोरोना वायरस के खौफ की वजह से भारत-ईरान के बीच हवाई सेवा स्थगित होने से उनकी वतन वापसी फिलहाल नहीं हो पा रही है। ऐसे में ईरान में फंसे अपनों की सलामती के लिए यहां खुदा की बारगाह में लगातार दुआएं की जा रही हैं, ताकि वे इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से बच सकें। ये लोग मजहबी तालीम या फिर नौकरी के सिलसिले में ईरान गए हैं।
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दायराशाह अजमल मोहल्ले की तलत अस्करी अपने पति कौशाम्बी केकरारी निवासी जिया आफाक के साथ ईरान के कुम शहर में रहकर मजहबी किताबों पर शोध कर रही हैं। इसी तरह करेली के मोहम्मद सज्जाद रिजवी, शहजान रिजवी, आमिर रिजवी, जैगम्मुर रिजवी, शाहिद रिजवी भी कुम में ही रहकर आलिम और कामिल की पढ़ाई कर रहे हैं। इसी मोहल्ले के मोहम्मद हसन रिजवी, बिजत रिजवी मशहद में रहकर मजहबी तालीम ले रहे हैं। ईरान में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने के बाद ये छात्र-छात्राएं वतन वापसी करना चाहते हैं लेकिन उनको शहर छोड़ने की इजाजत नहीं मिल रही है। दोनों देशों के बीच हवाई सेवा स्थगित होने से भी इनकी वतन वापसी की फिलहाल टल गई है।
ऐसे में अब उनकी उनकी खैरियत के लिए दुआओं का सहारा लिया जा रहा है। ईरान के इन शहरों में प्रयागराज के दरियाबाद, बख्शी बाजार, रसूलपुर, अटाला, रानीमंडी, सब्जी मंडी, बैगन टोला, कटरा, बहादुरगंज, हटिया के भी कई परिवार कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच फंसे हुए हैं। ऐसे लोगों की कुशलक्षेम फोन के जरिए ली जा रही है। समरीन कौसर अपने पति दानिश रजा और बेटी के साथ दुबई में हैं। कोरोना वायरस के खौफ से परेशान इनके पिता कौसर अस्करी ने सोमवार को वीडियो कॉलिंग के जरिए अपनी पुत्री और दामाद की खैरियत जानी । वीडियो कॉलिंग के दौरान समरीन अब्बा जान को देखकर भावुक हो गईं। हालांकि उन्होंने वहां अभी सबकुछ ठीक होने की जानकारी दी, लेकिन चिंता बने होने की भी बात कही। इसी तरह रानीमंडी निवासी दानिश रजा के पिता वकार रजा भी अपने बेटे की खातिर चिंतित हैं और बराबर फोन से उनकी खैरियत ले रहे हैं।
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