Prayagraj News : एसआरएन में भर्ती ड्रॉप्सी के मरीज इंद्र कुमार।
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उन्होंने महानिदेशक को जांच रिपोर्ट भेज दी। महानिदेशक को भेजी गई सीएमओ की रिपोर्ट में भी घरेलू सरसों के तेल में भटकटैया (आर्जीमोन) के बीज का अंश मिलने की बात कही गई है। खेत में राई के बीच भटकटैयी के बीज किसी तरह आकर मिलने की बात कही गई है। जिससे पेराई के बाद सरसो के तेल में आर्जीमोन टॉक्सीन मिल गया। इसी तेल से बनी सब्जी खाने से सहदेव और उसके परिवार के आठ सदस्यों की हालत बिगड़ने की बात कही जा रही है।
Prayagraj News : एसआरएन में भर्ती ड्रॉप्सी की मरीज ललिता देवी।
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उधर, शुक्रवार को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आईसीयू में गहन चिकित्सा निगरानी में भर्ती रामकुमार और उसके भाई इंद्र कुमार की सांसें फूलने लगीं। रामकुमार को बोलने में दिक्कत हो रही थी। इन मरीजों का उपचार करने वाले चिकित्सा दल का नेतृत्व कर रहे डॉ. जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि अब उनकी हालत में सुधार आ रहा है। इसी के साथ रामकुमार की पत्नी और दो बच्चों की भी हालत में सुधार आने की बात कही जा रही है, लेकिन उन्हें भी निगरानी में रखा गया है।
क्या है ड्रॉप्सी के लक्षण
डॉ. जितेंद्र शुक्ला के मुताबिक सांस फूलना, शरीर में सूजन, मांसपेसियों में दर्द के साथ ही त्वचा पर चकत्ते आना और खून की कमी हो जाना और विपर खराब हो जाना इस बीमारी के लक्षण हैं। इसका कोई इलाज भी नहीं है। धीरे -धीरे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही मरीज का हालत में सुधार आता है।