धूमनगंज थाना क्षेत्र के राजरूपपुर में जैगुआर कार से लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने कारोबारी के बेटे आरोपी चालक रचित मध्यान को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस आरोपी को प्रयागराज लाई और मंगलवार रात उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर नैनी जेल भेज दिया। रविवार दोपहर हादसे के बाद रचित को पहले कॉल्विन अस्पताल भेजा गया लेकिन सिर पर गंभीर चोट लगने के चलते उसे एसआरएन और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस सुरक्षा में उसे मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान अस्पताल में पुलिस तैनात रही। मंगलवार को सेहत में सुधार होने के बाद डॉक्टरों ने रचित को अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद पुलिस उसे प्रयागराज ले आई जहां रात को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी बोला, नहीं पता कैसे क्या हो गया... आरोपी रचित से पुलिस ने मंगलवार को लंबी पूछताछ की। वह यही बोलता रहा कि उसे कुछ नहीं पता कि हादसे कैसे हो गया। वहीं परिजनाें का कहना था कि हादसे के एक दिन पहले रचित देर रात तक सोया नहीं था जिस कारण उसे कार चलाते समय झपकी आ गई और इसके कारण हादसा हो गया। वहीं क्रिकेट मैच में हार के बाद तनाव की वजह से भी हादसा होने की आशंका जताई गई थी। रिमांड लेकर फिर से होगी पूछताछ आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद भी हादसे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि रचित का रिमांड लिया जाएगा ताकि हादसे के कारणों का खुलासा हो सके। आरोपी पर गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। नशे की पुष्टि का अब भी इंतजार बताया जा रहा था कि हादसे के वक्त रचित नशे में था। पुलिस ने मौके पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की थी लेकिन नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई। ब्लड सैंपल लेकर मेडिकल भी करवाया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही नशे की बात की पुष्टि हो सकेगी। क्या बोले अधिकारी जैगुआर कार चालक रचित मध्यान को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में वह ज्यादा कुछ बोलने को तैयारी नहीं हुआ। मंगलवार को थाने में प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे कोर्ट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। - मनीष शांडिल्य, डीसीपी नगर