Drinking water crisis in 200 houses due to poor pipeline
शिवकुटी थाना के बगल पूरा गड़ेरिया मोहल्ले में पानी के लिए हाहाकार मचा है। कहीं नल सूखे हैं तो अधिकतर घरों में दूषित जलापूर्ति से संक्रामक बीमारियों की आशंका है। कोविड संक्रमण काल में सिर्फ दो सौ मीटर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन न बदलने से करीब दो सौ घरों में पेयजल संकट बना है। कई बार शिकायतों के बाद भी जलकल विभाग के अफसर और कर्मचारी समस्या निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं हैं।
प्रभावित घरों में रहने वाले हजारों लोगों को लोग साफ पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। क्षेत्रीय पार्षद कमलेश तिवारी का कहना है कि शिकायतों का विभागीय अफसर संज्ञान नहीं लेते। वहीं भाजपा शिवकुटी मंडल के अध्यक्ष अजय सिंह गहरवार के मुताबिक इस संबंध में महाप्रबंधक और जोन तीन के अधिशासी अभियंता को लिखित पत्र देकर जलसंकट से निजात दिलाने की मांग की गई लेकिन सुनवाई ही नहीं हो रही है।
खराब पाइप बदलना ही है समाधान
पूरा गड़ेरिया इलाके में दूषित जलापूर्ति से प्रभावित हजारों लोगों को निजात दिलाने के लिए सिर्फ दो सौ मीटर पाइप बदलने की जरूरत है। क्षेत्रीय लोगों ने इस संबंध में जलकल विभाग के अफसरों को अवगत करा दिया है। बताया गया कि पाइप बदलने से रोज होने वाले लीकेज से तो निजात मिलेगी ही, समस्या का स्थायी समाधान भी हो जाएगा।
पूरा गड़ेरिया में दूषित जलापूर्ति के संबंध में टीम भेजकर जांच कराएंगे। जो भी सुविधाजनक होगा, उसे अमल में लाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति कराई जाएगी। - हरिश्चंद्र बाल्मीकि, महाप्रबंधक जलकल