Prayagraj News : छुट्टा पशुओं ने सड़क पर जमाया डेरा।
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स्मार्ट सिटी के सपने को संगम के शहर में छुट्टा पशुओं ने पलीता लगा दिया है। सोमवार को शहर में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की मौजूदगी के दौरान भी सड़कों से लेकर गलियां तक पशुओं के डेरे में तब्दील रहीं। भीड़ वाले रास्तों पर मवेशियों के झुंड नजर आए।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक दिन पूर्व सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रशासन को शहर की सड़कों से छुट्टा मवेशियों को हटाने की हिदायत दी थी। उन्होंने दो कहा था कि मवेशियों को गोशाला पहुंचाया जाए। संगमनगरी को महाकुंभ से पूर्व विश्व पर्यटन के मानचित्र पर लाने की तैयारी है, लिहाजा शहर एकदम स्वच्छ होना चाहिए। सोमवार को सोरांव ब्लॉक और गोहरी गांव की चौपाल में भी डिप्टी सीएम ने यही बात अधिकारियों को समझाई, लेकिन इसका पालन उनकी ही मौजूदगी में नहीं किया जा सका।
शहर की गोबर गली, रामबाग, कटरा, एलनगंज, शिवकुटी, तेलियरगंज, मम्फोर्डगंज, बैंक रोड और गोविंदपुर सहित कई इलाकों में मवेशी सुगम यातायात में बाधत बने नजर आए। इन स्थानों पर मवेशियों के झुंड निकलते रहे। शहर में ऐसे मवेशियों की वजह से आए दिन राहगीर चोटिल हो जाते हैं, तो कभी एलनगंज की रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों की चपेट में आकर मवेशी दम तोड़ देते हैं। हालांकि ऐसे छुट्टा मवेशियों को शंकरगढ़ स्थित कान्हा गोशाला ले जाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है। इस पर सरकार का मोटा बजट भी खर्च हो रहा है, लेकिन पशु वैसे ही तिराहों, चौराहों पर यातायात में बाधा बनने के साथ ही स्मार्ट सिटी की रौनक छीन रहे हैं।
नैनी और झूंसी में मवेशियों को अलग सुरक्षित करने के स्थान चिह्नित किए गए हैं। पशुपालकों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। यह काम शीघ्र ही होने जा रहा है। - विजय अमृत आर्य, पशुधन अधिकारी, नगर निगम।