मंसूराबाद के सम्हई में लखनऊ नेशनल हाईवे के बगल नाला न बनाये जाने की डीएम से शिकायत करते भाजपा
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सम्हई गांव में जल निकासी की समस्या को डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने हाईवे के दोनों ओर नाला निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम आगामी मानसून में गांवों को जलभराव से बचाने के लिए उठाया गया है।
यह मामला भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विनोद ओझा की शिकायत के बाद सामने आया। ओझा ने सोमवार को डीएम से शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि फोरलेन चौड़ीकरण कार्य से पुरानी नालियां नष्ट हो गई हैं। इससे गांव के तालाबों और नहरों के पानी का निकास बंद हो गया है।
उन्होंने चेतावनी दी थी कि समय पर व्यवस्था न होने पर सम्हई समेत आसपास के गांव जलमग्न हो सकते हैं। जिलाधिकारी ने मामले की समीक्षा की और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ बैठक के निर्देश दिए। उन्होंने नाला निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए परियोजना का पुनः एस्टीमेट तैयार करने को कहा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्या और जल निकासी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य में जलभराव न होने के लिए स्थायी समाधान निकालने को कहा।
विनोद ओझा ने अपनी शिकायत में बताया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से जल निकासी की व्यवस्था बिगड़ गई है। पुरानी नालियां टूट जाने से तालाबों और नहरों का पानी नहीं निकल पा रहा है। इससे मानसून में गंभीर जलभराव की आशंका बढ़ गई है। यह समस्या सम्हई और आसपास के कई गांवों को प्रभावित कर सकती है।
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण कार्य नवाबगंज और लालगोपालगंज के बीच हाल ही में पूरा हुआ है। बताया जाता है कि हाईवे की कार्यदायी संस्था ने नाला निर्माण में अनियमितता बरती है। रेरुआ बाजार में भी नाले का निर्माण नहीं कराया गया है। डीएम के आदेश के बाद अब नाला बनने की उम्मीद फिर से जगी है। एनएचएआई को इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई करनी होगी।