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डॉ. सूर्य नारायण पर फिर लटकी कार्रवाई की तलवार

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राष्ट्रीय महिला आयोग ने इविवि के कुलपति प्रो. हांगलू को पत्र जारी कर मांगा जवाब
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कार्य परिषद में दोबारा रखा जा सकता है महिला शिक्षक के यौन उत्पीड़न का मामला
प्रयागराज। यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. सूर्य नारायण पर कार्रवाई की तलवार फिर लटक रही है। इविवि की कार्यपरिषद की ओर से मामले की गई कार्रवाई से पीड़ित महिला शिक्षक संतुष्ट नहीं है। महिला शिक्षक की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने इविवि के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को पत्र जारी कर कहा है कि मामले में उचित कार्रवाई करते हुए आयोग को निर्धारित समयसीमा में अपना जवाब भेजें। ऐसे में डॉ. सूर्य नारायण का मामला कार्य परिषद में दोबारा रखा जा सकता है।
डॉ. सूर्य नारायण पर उन्हीं के विभाग में तैनात एक महिला अतिथि प्रवक्ता ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में उस महिला शिक्षिका ने विश्वविद्यालय छोड़ दिया। इविवि में पहली बार यह मामला आठ मार्च को हुई कार्य परिषद की बैठक में सामने आया। उस बैठक में तय हुआ था कि मामले की जांच कराई जाएगी और इसकी जिम्मेदारी एक रिटायर जज को सौंपी गई। इसके बाद 10 अप्रैल को हुई कार्य परिषद की बैठक में डॉ. सूर्य नारायण को निलंबित कर दिया गया।
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इविवि कार्य परिषद की 29 जून को हुई बैठक में डॉ. सूर्य नारायण पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया और उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के पद से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डिमोट कर दिया गया। 30 अगस्त को हुई राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में पीड़ित महिला शिक्षक ने फिर शिकायत दर्ज कराई और अब तक हुई कार्रवाई से असंतुष्टि जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने सीधे कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को पत्र जारी कर कहा है कि पीड़ित महिला शिक्षक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में इविवि कार्य परिषद के आदेश की समीक्षा की जाए। मामला संवेदनशील है, सो जो भी कार्रवाई हो, उससे आयोग को भी अवगत कराया जाए। इविवि के सूत्रों का कहना है कि कार्य परिषद की अगली बैठक में इस मामले में फिर रखा जा सकता है।
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