लखनऊ/इलाहाबाद। राज्यपाल राम नाईक ने यूपी राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य डा. सुनील कुमार जैन को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह तीन महीने या नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति, जो भी पहले हो, तक के लिए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। इसी के साथ राज्यपाल ने सरकार से नियमित अध्यक्ष के चयन की कार्यवाही तीन महीने में पूरा करने को कहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले 14 अक्तूबर को राज्य लोक सेवा आयोग केअध्यक्ष डा. अनिल यादव की नियुक्ति रद्द कर दी थी। कोर्ट ने बिना योग्यता व आचरण देखे मनमानी तरीके से नियुक्ति को आधार बनाते हुए यह फैसला सुनाया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने आयोग के सदस्यों राजेंद्र कुमार, फरमान अली, संजय यादव, डा. एसके जैन व जयराम प्रसाद वैद्य में से किसी को भी नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति तक के लिए अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा था।
अब राज्यपाल ने आयोग के वरिष्ठतम सदस्य राजेंद्र कुमार के स्थान पर डा. सुनील कुमार जैन को नए अध्यक्ष की नियुक्ति अथवा तीन महीने के लिए अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। राजेंद्र कुमार का कार्यकाल इसी महीने की 30 तारीख को पूरा हो रहा है। इस वजह से राज्यपाल ने आयोग के अन्य सदस्यों के नाम पर विचार कर डा. जैन के नाम पर मुहर लगाई। हालांकि फरमान अली और मेजर संजय यादव ने भी डॉ.जैन के साथ 16 जून 2012 को ज्वाइन किया था। नाईक ने प्रदेश सरकार को तीन महीने के अंदर आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरा कर उचित व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
जानकार बताते हैं कि आयोग में अध्यक्ष के पद पर न रहने की दशा में आयोग के वरिष्ठतम सदस्य को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने की कोई बाध्यता नहीं है। संविधान की धारा 316-1(ए) के मुताबिक आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है, अथवा वह किसी वजह से अनुपस्थित है या किसी कारण से कार्य करने में असमर्थ है तो, जब तक उसके स्थान पर किसी की नियुक्ति नहीं हो जाती या वह कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक सदस्यों में से किसी को भी राज्यपाल अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त कर सकता है।