फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉ. रीता जोशी का वॉयस सैंपल लेने पर रोक

Wed, 29 Jul 2015 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को हाईकोर्ट ने राहत देते हुए उनका वॉयस सैंपल लिए जाने पर रोक लगा दी है। डॉ. जोशी के खिलाफ मुरादाबाद में दर्ज मानहानि के एक मुकदमे में सीजेएम मुरादाबाद ने आवाज का नमूना लेने की इजाजत जांच अधिकारी को दी थी। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती थी। डॉ. जोशी के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आरडी खरे ने सीजेएम के 11 जून 2015 के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों से जवाब भी मांगा है।
विज्ञापन


डॉ. जोशी के अधिवक्ता का तर्क  था कि सीजेएम मात्र हस्ताक्षर या हस्तलिपि का नमूना लेने का आदेश दे सकते हैं। विवेचना के दौरान याची को उसकी आवाज का नमूना देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। डॉ. रीता जोशी के खिलाफ 15 जुलाई 2009 को मुरादाबाद के मझौला थाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में मानहानि और अनुसूचित जाति-जनजाति की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच सीओ कोतवाली महेंद्र सिंह राना कर रहे हैं। राना ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि विवादित बयान की सीडी उनके पास है। उसका मिलान डॉ. जोशी की आवाज से कराना है। इसके लिए उनकी आवाज का नमूना लेना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें