Prayagraj News : मेडिकल कॉफ्रेंस में जुटे देश के जाने माने चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला।
न्यूरोएंडोस्कोपिक सर्जरी के महत्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोगियों को आमतौर पर कम दर्द और तेजी से ठीक होने का अनुभव प्राप्त होता है। हालांकि, यह स्वीकार करना आवश्यक है कि सभी सर्जिकल प्रक्रियाओं की तरह न्यूरोएंडोस्कोपिक सर्जरी से जुड़ी सीमाएं भी हैं। - डॉ. वाईआर यादव, प्रोफेसर, न्यूरो सर्जरी विभाग, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर
पुराने दर्द में सबसे आम हैं पीठ, सिर व जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द और कैंसर से संबंधित दर्द। कुछ दर्द थोड़े समय के लिए होते हैं, कुछ साधारण होते हैं और कुछ दर्द लंबे समय तक बने रहते हैं। इस तरह के दर्द के निवारण को लेकर न्यूरो रिजेनरेशन पद्धति को अपनाया जा रहा है, जिसमें नस कमजोर होने पर उसे रिजेनरेट किया जाता है। - डॉ. निमिशा वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट एनेस्थीसिया एंड पेन मैनेजमेंट, आईएमएस, बीएचयू
Prayagraj News : मेडिकल कॉंफ्रेंस का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
- फोटो : अमर उजाला।
दो से 10 दिनों में डेंगू बुखार के नैदानिक लक्षणों में सिरदर्द, रेट्रो ऑर्बिटल दर्द, मायलगिया, पीठ दर्द, हड्डी में दर्द, गठिया, दाने, रक्तस्राव, पेट में दर्द, पेशाब में कमी आना, शिशु में चिड़चिड़ापन शामिल हैं। 10 हजार से अधिक प्लेटलेट काउंट वाले या रक्तस्राव न होने वाले रोगियों में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन करने की जरूरत नहीं होती है। रोगी को उचित आराम करना चाहिए और तरल पेय पदार्थ लेते रहना चाहिए। - डॉ. केके गुप्ता, प्रोफेसर, आईएमएस, बीएचयू
रीढ़ की समस्याएं, विशेष रूप से पीठ दर्द वयस्कों में सबसे अधिक देखने को मिलता है, जिससे भारत में 66 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं। महिलाओं, ग्रामीण आबादी और प्राथमिक श्रमिकों को यह समस्या सबसे अधिक होती होती है। व्यायाम की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है। - डॉ. राकेश कुमार, प्रोफेसर, न्यूरो सर्जरी विभाग, आरएमएल आईएमएस, लखनऊ
स्ट्रोक में तत्काल देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह एक मिनट से भी कम समय में लगभग 20 लाख मस्तिष्क कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। देश में प्रतिवर्ष एक लाख में से सौ लोग स्ट्रोक के शिकार होते हैं। स्ट्रोक थेरेपी का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल क्षति को रोकना और मृत्यु दर को कम करना है। उच्च रक्तचाप, हाइपरलिपिडेमिया को नियंत्रित करना और धूम्रपान छोड़ना स्ट्रोक के जोखिम को कम करने की दिशा में सरल कदम हैं। - डॉ. दीपक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, न्यूरो सर्जरी आरएमएल आईएमएस, लखनऊ