फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डा. बंसल हत्याकांड : दिलीप मिश्रा और अख्तर कटरा का भी बी वारंट जारी कराएगी पुलिस

Mon, 24 May 2021 12:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • डॉ. बंसल हत्याकांड: हत्या की साजिश में शामिल थे दोनों
विज्ञापन
Prayagraj News : Dr. AK Bansal file photo - फोटो : prayagraj
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ. अश्वनी कुमार बंसल हत्याकांड के दो अन्य आरोपियों को भी कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इनमें कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी पर हमले का आरोपी दिलीप मिश्रा और कुख्यात अपराधी अख्तर कटरा शामिल हैं। फिलहाल दोनों अलग-अलग जनपदों की जेलों में निरुद्ध हैं। ऐसे में उनके खिलाफ बी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी है। 

विज्ञापन


डॉक्टर बंसल हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने बताया था कि इस हत्याकांड की साजिश में मुख्य आरोपी आलोक सिन्हा के साथ दिलीप मिश्रा और अख्तर कटरा भी शामिल था। तीनों नैनी जेल की एक ही बैरक में बंद थे और वहीं दोनों से आलोक का परिचय हुआ। दिलीप का डॉक्टर से पहले से विवाद चल रहा था ऐसे में आलोक के कहने पर वह तुरंत साजिश में शामिल हो गया। इसी तरह रुपयों का लालच देकर दोनों ने अख्तर को भी साथ कर लिया। पुलिस का मानना है कि दिलीप और अख्तर से पूछताछ में कई अहम बातों का खुलासा हो सकता है।

prayagraj news: Dilip Mishra - फोटो : prayagraj
मसलन शूटरों को शहर मेें ठिकाना दिलाने और फिर रेकी में कौन मददगार था, इसका भी खुलासा हो सकता है। ऐसे में पुलिस इन दोनों को भी कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। हालांकि इसके लिए पहले उन्हें गैरजनपद से नैनी जेल लाना पड़ेगा। इसके लिए जल्द ही दोनों के खिलाफ बी वारंट जारी कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। गौरतलब है कि दिलीप मौजूदा समय में फतेहगढ़ जेल और अख्तर भी गैरजनपद की जेल में निरुद्ध है। दोनों को प्रशासनिक आधार पर नैनी जेल से स्थानांतरित किया गया था। कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने डॉ. बंसल हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर शोएब निवासी प्रतापगढ़ के खिलाफ बी वारंट जारी कराया था।
विज्ञापन

पूर्व सांसद अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला

अतीक के 10 गुर्गों के लाइसेंस निरस्त होंगे, भेजी रिपोर्ट

प्रयागराज। अतीक अहमद गिरोह के 10 सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। पुलिस ने इसके लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी को भेज दी है। इनमें मो. आलम व बेगमबाजार निवासी अशरफ का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि अतीक अहमद व उसके गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई कोरोना काल में बंद पड़ गई थी। गैंगस्टर एक्ट के तहत डीएम की अनुमति के बाद भी उसके कुछ गुर्गों की संपत्ति जब्त नहीं की जा सकी है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें