prayagraj news : डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव (फाइल फोटो)।
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सीएमपी डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव की दुर्घटना में मौत से पूरा महाविद्यालय परिवार स्तब्ध है। शनिवार सुबह उनकी मौत की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय के तमाम शिक्षक एसआरएन अस्पताल पहुंच गए। स्वभाव से खुशमिजाज रहीं डॉ. अर्जिता हमेशा के लिए जा चुकी हैं, शिक्षकों के लिए यह विश्वास कर पाना मुश्किल था। वहां मौजूद रहे शख्स के चेहरे पर मायूसी थी और आंखें नम थीं।
सीएमपी के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार ने शुक्रवार को नैक की बैठक बुलाई थी, जिसमें डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव भी शामिल हुईं थीं। यह बैठक तीन घंटे तक चली थी। बैठक के बाद वह दोपहर दो बजे कॉलेज छोडक़र घर के लिए रवाना हो गईं। डॉ. बृजेश ने डॉ. अर्जिता के निधन पर शोक संवदेना व्यक्त करते हुए कहा कि क्या मालूम था कि इस बैठक के बाद 24 घंटे में ही इतनी मनहूस खबर सुनने को मिलेगी। सीएमपी डिग्री कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने भी डॉ. अर्जिता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सीएमपी में रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. संतोष श्रीवास्तव, डॉ. सुनंदादास, डॉ. विशाल, डॉ. अर्चना पांडेय, डॉ. मोनिका, डॉ. अकरम अली, डॉ. रंजीत, डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. दीपांजलि पांडेय ने भी शोक संवेदना व्यक्त की है।
कॉलेज में एक साल में छठवीं मौत
सीएमपी डिग्री कॉलेज में एक साल के भीतर छठवें शिक्षक की मौत हुई है। वहीं, रसायन विज्ञान विभाग में तीन माह के भीतर तीसरे शिक्षक का निधन हुआ है। इससे पूर्व रसायन विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव की कोविड से मौत हो गई थी। इसी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रोली श्रीवास्तव का निधन हो गया था। शिक्षाशास्त्र विभाग में रहे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय तिवारी, प्राचीन इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विभा मिश्रा और हिंदी विभाग के डॉ. अनुपम आनंद का भी एक साल के भीतर निधन हो गया।