प्रतियोगिता के माध्यम से किया जाएगा छात्रों का चयन
प्रतियोगिता के माध्यम से 100 छात्रों का चयन किया जाएगा, जिनमें 33 फीसदी सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी। महिला अभ्यर्थी न मिलने पर इन सीटों पर पुरुष अभ्यर्थियों को प्रवेश दिए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को एक वर्ष के ऊपर स्कॉलरशिप दी जाएगी। कोचिंग पर आने वाला तकरीबन 75000 रुपये का खर्च मंत्रालय वहन करेगा। इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए चयनित विश्वविद्यालय के एक शिक्षक की नियुक्ति केंद्र के डायरेक्टर के रूप में की जाएगी। इसके अलावा परीक्षा की तैयारी कराने के लिए संविदा पर तीन शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनको मानदेय दिया जाएगा।
इंटरनेट, वाईफाई, लाइब्रेरी की सुविधा भी मिलेगी
सेंटर में कोचिंग के लिए चयनित अभ्यर्थियों को इंटरनेट, वाईफाई लाइब्रेरी आदि की सुविधाएं भी दी जाएंगी, ताकि अभ्यर्थियों की तैयारी निर्बाध रूप से कराई जा सके। एक छात्र को सेंटर में एक वर्ष की अवधि के लिए ही कोचिंग दी जाएगी और अगर वह इस दौरान 15 दिन से ज्यादा अनुपस्थित रहता है तो उसका पंजीकरण समाप्त कर दिया जाएगा और अभ्यर्थी को स्कॉलरशिप का पैसा भी वापस करना पड़ेगा।