प्रयागराज के मेजा के हरगढ़ गांव में मंगलवार शाम दिल दहलाने वाली वारदात हुई। भाभी से विवाद के बाद ननद ने दो मासूम भतीजों को लकड़ी के पटरे से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गई। तलाश में जुटी पुलिस ने उसे बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। परिवारवालों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है।
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शादी के एक महीने बाद ही पति का फोड़ दिया था सिर
वहीं, परिवार से पूछताछ में सामने आया कि दो मासूम भतीजों को मौत के घाट उतारने की आरोपी पूजा ने शादी के एक महीने बाद ही पति का सिर फोड़ दिया था। इसके बाद ससुरालवाले उसे मायके छोड़ गए और फिर नहीं ले गए। करीब नौ साल से वह मायके में ही रह रही है।
पिता ने बताया कि उसकी शादी 2015 में कौशाम्बी के भरूही गांव में हुई थी। शादी के एक महीने बाद ही उसने किसी बात पर झगड़ा होने पर पति का सिर फोड़ दिया। नाराज ससुरालवाले उसे मायके छोड़ गए और फिर ले जाने को तैयार नहीं हुए। तब से वह यहीं रह रही थी।
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कुछ दिनों तक उसका एसआरएन अस्पताल में इलाज भी चला। वह बात-बात में आपा खो देती है। बकौल पिता, उसकी पांच संतानों में पूजा दूसरे नंबर की है। संजय व राजकुमार उसके दो बेटे हैं और उसके अलावा दो अन्य बेटियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। राजकुमार अपना परिवार लेकर बाहर रहता है। जबकि संजय का परिवार पैतृक मकान में ही रहता है।
रेलवे लाइन पर लेटी हुई मिली
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद महिला की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान किसी ने उसे भसुंदर गांव के रेलवे ट्रैक पर लेटे हुए देखा। सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। थाने लाए जाने पर पूछने पर उसने कहा कि भाभी उसे गालियां देती थीं, इसलिए उसने ऐसा किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रहते-रहते वह चीखने भी लग रही थी।
दो मासूम भतीजों को बुआ ने पटरे से पीटकर मार डाला
आपको बता दें कि प्रयागराज के मेजा के हरगढ़ गांव में मंगलवार शाम को भाभी से विवाद के बाद ननद ने दो मासूम भतीजों को निर्मम हत्या कर दी। गांव में संजय कुमार भारतीया और उसकी पत्नी पार्वती देवी रहते हैं।
उनके तीन बच्चे अनन्या (8), लकी (5) और अभी (3) थे। पिता शंकरलाल भारतीया और विवाहित बहन पूजा भी इसी घर में रहते हैं। 10 दिन पहले काम की तलाश में संजय मुंबई चले गए। पिता ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे के करीब पूजा भाभी से खाने को लेकर झगड़ा करने लगी। बात इतनी बढ़ी कि उसने लकड़ी के पटरे से हमला कर दिया। जिस पर किसी तरह घर के अंदर भागकर भाभी ने जान बचाई।
उधर, गुस्से में पूजा ने दरवाजे पर खेल रहे मासूम भतीजों लकी और अभी पर लकड़ी के पटरे से हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ वार से दोनों लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे तो वह भाग निकली। बच्चों की चीख सुनकर मां पार्वती आईं तो उन्हें खून से लथपथ देख वह चीखने लगीं। इस पर परिजन व पड़ोस के लोग पहुंचे और दोनों बच्चों को अस्पताल ले गए।
हालत गंभीर देख उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद दोनों को एसआरएन ले जाया गया। यहां लकी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रेफर किए जाने पर अभि को चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। सूचना मिली तो मेजा पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सुबह जानकारी पर अफसर भी गांव पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। मेजा पुलिस ने दोपहर बाद आरोपी महिला को भसुंदर गांव से गिरफ्तार कर लिया। एसीपी मेजा रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में घरवालों ने बताया है कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है।