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Prayagraj News: गोशाला में मवेशियों के शव को नोचते रहे कुत्ते, व्यवस्था बेखबर

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विकासखंड प्रतापपुर के बसनेहटा गांव स्थित कान्हा गोवंश आश्रय स्थल में तीन दिनों में चार मवेशियों ने दम तोड़ दिया। प्रशासनिक लापरवाही के चलते मृत मवेशियों को दफन तक नहीं किया गया। आवारा कुत्ते उनके शव को नोचते रहे।
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स्थानीय लोगों के अनुसार कई गोवंश कुपोषण, बीमारी और लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। आश्रय स्थल पर चारा, पानी और समय पर इलाज की भारी कमी है। मौजूदा समय में कान्हा गोवंश आश्रय में करीब 100 गोवंश हैं लेकिन उनकी देखभाल का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिख रहा।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की लापरवाही और सरकारी बजट के बंदरबांट का खामियाजा बेजुबान भुगत रहे हैं।
वहीं, गोशाला में हुई घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला में बेजुबानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्हें समय से चारा-पानी नहीं दिया जा रहा। बीमार जानवरों के इलाज में भी लापरवाही बरती जा रही है।
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गेट चमकता है पर बाउंड्री वॉल गायब, आवारा कुत्तों का डेरा, पशुओं की सुरक्षा पर सवाल

कान्हा गोशाला में प्रवेश द्वार तो नया और चमकदार बना दिया गया है लेकिन पूरी गोशाला के चारों ओर बाउंड्रीवॉल तक नहीं है। खुले परिसर में कुत्तों का झुड़ जुटा रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाउंड्री के नाम पर कटीले तार का घेरा बनाया गया है। बाउंड्री न होने से रात में गोशाला पूरी तरह असुरक्षित रहती है। कई बार कुत्तों द्वारा नवजात और कमजोर पशुओं को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। बावजूद इसके प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कान्हा गोशाला में पशुओं के लिए आवश्यक इंतजाम

- पर्याप्त चारा व भूसा, हरा चारा, सूखा भूसा, पुवाल, दाना–चोकर आदि की नियमित उपलब्धता।
- पीने के लिए साफ और पर्याप्त पानी।
- पक्का ढका हुआ शेड।
- पशु धन प्रसार अधिकारी का नियमित विजिट।
- बीमार पशुओं के लिए अलग आइसोलेशन व्यवस्था।
- टीकाकरण, डी-वॉर्मिंग, और समय–समय पर स्वास्थ्य परीक्षण।
- पशुओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल।

- ठंड से राहत के लिए मोटा तिरपाल और अलाव जलाने की व्यवस्था।
- रात में गार्ड या सुरक्षा कर्मी।
- आने–जाने वाले सभी पशुओं का पंजीकरण और संख्या का रिकॉर्ड।
- मृत पशुओं की जानकारी की रिपोर्टिंग।
बोले अफसर

एक सप्ताह पूर्व प्रतापपुर ब्लॉक के बसनेहटा और अलावलपुर गांव स्थित कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में बसनेहटा में सात और अलावलपुर में छह गोवंश बेहद कमजोर पाए गए थे। स्थल पर भूसा उपलब्ध नहीं था और पुवाल की कुटी भी कम थी। इस संबंध में दोनों ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया था। अब पशुओं की मौत की सूचना मिली तो कार्रवाई के लिए दोबारा पत्र भेजा जाएगा। - डॉ. शिव नाथ, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, प्रयागराज।
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