इलाहाबाद। सरकारी खर्च पर विदेश दौरा। शहर को स्मार्ट बनाने, व्यवस्थाओं को बेहतर रूप देने, खामियों को दूर करने और कुछ नया सीखने के उद्देश्य से अफसरों को अक्सर विदेश जाने का मौका मिलता है। इस बार नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके सिंह को यह मौका मिला है। हालांकि उनके पहले भी कई अफसर इस तरह के विदेश दौरे पर जा चुके हैं। वापस आने पर उन्होंने कितना सुधार किया, यह बताने की जरूरत नहीं। पहले के मुकाबले और भी बदहाल हो चुका शहर ऐसे विदेश दौरों को आईना दिखाने के लिए काफी है।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था ठप पड़ी है। नालियां बजबजा रही हैं।
नगर निगम की सड़कों पर बडे़-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़कों पर कूड़ा फैला रहता और इन सबके बीच नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ब्राजील के शहर साओपालो जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनके पहले पिछले वर्ष तत्कालीन नगर आयुक्त आरपी सिंह दो बार विदेश दौरे पर गए। पहली बार बार्सिलोना और दूसरी बार वियतनाम। कहने को यह दौरा स्मार्ट सिटी के मद्देनजर इलाहाबाद में सफाई व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रैफिक सिस्टम को बेहत बनाने के तरीके सीखने के लिए था लेकिन उनके लौटने के बाद कितना सुधार हुआ, यह आम शहरी अच्छी तरह से जानता है।
साल भर पहले वह जिन समस्याओं से जूझ रहा था, अब भी उन्हीं दिक्कतों से घिरा हुआ है। अब एक और विदेशी दौरा स्मार्ट सिटी के नाम पर होने जा रहा है। इससे शहर को कुछ फायदा मिलेगा या लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे और दौरा सिर्फ सैर-सपाटे तक ही सीमित रह जाएगा, यह नगर आयुक्त के लौटने के बाद ही पता चलेगा।
दूसरी ओर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एवं इलाहाबाद के पूर्व मुख्य अभियंता (वितरण) एके सिंह फ्रांस के दौरे पर जा रहे हैं। एमडी वहां बिजली वितरण और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को बेहतर बनाने के तरीके सीखने जा रहे हैं।
हालांकि यह बात आम आदमी भी जानता है कि विभाग बिजली चोरी पर पूरी तरह से लगाम कस ले, कटियामारी बंद करा दे, दावे के अनुरूप 24 घंटे के भीतर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाए, ट्रांसफार्मरों एवं अन्य उपकरणों के निर्माण में गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाए और लाइन लॉस के ओवरलोडिंग को कम कर दिया जाए तो वितरण व्यवस्था अपने आप सुधार जाए। अब देखना है कि इन तरीके के अलावा एमडी और क्या सीखकर आते हैं, जिससे वितरण व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। एमडी फ्रांस में यह भी सीखेंगे कि शहरों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए। अब देखना है कि इसका कितना लाभ शहरियों को मिलता है, यह एमडी के लौटने के बाद ही मालूम होगा लेकिन यहां यह बता देना जरूरी है कि स्ट्रीट लाइटें लगाने से लेकर उनकी देखरेख तक की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की नहीं, बल्कि नगर निगम की है।
स्मार्ट सिटी के मद्देनजर नगर आयुक्त सहित और अफसर भी 29 सितंबर से तीन अक्तूबर तक ब्राजील के साओपालो में आयोजित ‘आरडब्ल्यूएम ब्राजील 2015’ में शामिल होंगे। नगर विकास मंत्री के नेतृत्व में जा रहे 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में सचिव नगर विकास, सीएम के विशेष सचिव तथा ओएसडी, सूडा के निदेशक, जल निगम एवं सीऐंडडीएस के एमडी, सूडा के आईईसी समेत झांसी एवं लखनऊ के भी नगर आयुक्त शामिल हैं। ब्राजील एक्सपो में अफसर स्मार्ट सिटी के मद्देनजर चकाचक सफाई व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रैफिक प्रबंधन, ट्रांसपोटेशन आदि के तरीके समझेंगे। वहीं, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके सिंह केसाथ अन्य राज्यों के भी कई अफसर सरकारी खर्च पर फ्रांस के दौरे पर जा रहे हैं।
पिछले साल तत्कालीन नगर आयुक्त आरपी सिंह ने दो देशों का दौरा किया। अक्तूबर में बार्सिलोना गए और उसके बाद दिसंबर में वियतनाम जाने का मौका मिला। दोनों ही दौरों में पत्नी उनके साथ थीं लेकिन उनके इस दौरे से इलाहाबाद को रत्तीभर फायदा नहीं हुआ। स्मार्ट सिटी के मद्देनजर आरपी सिंह के दोनों विदेशी दौरे पर करीब नौ लाख रुपये खर्च हुए। दोनों दौरों में उन्होंने बेहद उन्नत सफाई व्यवस्था ट्रैफिक सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रैफिक सिस्टम के बारे में समझा। वहां से सीख, समझकर लौटे नगर आयुक्त ने विजिट रिपोर्ट तक तैयार नहीं की और उनका तबादला हो गया। उन्होंने तो कोई विजिट रिपोर्ट बनाई नहीं और साल भर बाद फिर लाखों रुपये खर्च कर नई विजिट की तैयारी कर ली गई।