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100 अरब के घोटाले में वादी से मांगे गए दस्तावेज

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Documents sought from plaintiff in 100 billion scam
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100 अरब के घोटाले में वादी से मांगे गए दस्तावेज
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सीएनआई के बिशप समेत 16 लोगों पर दर्ज हुआ है केस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। धोखाधड़ी कर 100 अरब की जमीन बेचने के आरोप में दर्ज मामले में पुलिस ने मुकदमा वादी से उनके आरोपों से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल साक्ष्य संकलन की कार्यवाही चल रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के बिशप पीटर बलदेव समेत 16 लोगों पर सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ है। रिपोर्ट चर्च ऑफ इंडिया पाकिस्तान, बर्मा एंड सिलोन(सीआईपीबीसी) की लखनऊ डायोसिस के बिशप जॉन अगस्टिन की ओर से दर्ज कराई गई है। मामले में नामजद पीपी हाबिल सेंट पॉल चर्च आगरा के बिशप हैं। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि फिलहाल वादी से एफआईआर में लगाए गए उनके आरोपों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्य संकलन की कार्रवाई चल रही है। जिसके पूरे होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यह है मामला
वादी का आरोप है कि 1970 में चर्च ऑफ इंडिया के कुछ बिशप ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया व इसके अधीन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन का गठन किया। फिर मेट्रोपोलियन की जगह बिशप ऑफ कलकत्ता की फर्जी नियुक्ति कर दी। आरोप है कि इन्हीं लोगेां ने 1991 में फर्जी पदाधिकारी बनकर इंडियन चर्च ऑफ ट्रस्टीज की देश भर में फैली 100 अरब की संपत्ति चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन के नाम कर दी। आरोप यह भी है कि बिशप पीटर बलदेव, पीसी सिंह, पीपी मरांडी, पीके समंतोराय, जनरल सेक्रेटरी एलवन मसीह, जयंत अग्रवाल, पल दुपहरे, पीपी हाबिल, सुरेश जैकब, राजीव चंद, एआर स्टीफन, एचआर माल, मार्विन मैसी, प्रेस मसीह, अशोक विश्वास, प्रबल दत्ता, शशि प्रकाश आदि ने डायोसिस ऑफ लखनऊ, 25 महात्मा गांधी मार्ग सिविल लाइंस की अरबों रुपये की संपत्ति जालसाजी कर दूसरी संस्थाओं को हस्तांतरित कर दी। इसमें से 100 अरब की संपत्ति बेचकर रकम आपस में बांट ली।
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