संगम नगरी का विकास एवं जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यहां उच्च न्यायालय, महालेखागार, राजस्व परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, लोक सेवा आयोग आदि प्रमुख कार्यालय होने के बावजूद भी पिछले 25 वर्ष से यहां प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) कोई नई आवासीय योजना शुरू नहीं कर सका है। सीएजी की टीम ने आडिट में आवासीय योजना शुरू नहीं किए जाने पर आपत्ति की है। इसकी समीक्षा 11 जून को लोक लेखा समिति की बैठक में होनी है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर बुधवार को शासन में पीडीए अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया गया है।
सीएजी की टीम की आपत्ति पर गौर करें तो आवासीय महायोजना 2021 में 2.64 लाख आवासीय इकाइयों की कमी थीं। जो महायोजना 2031 में बढ़कर करीब पांच लाख हो गई है। महायोजना 2021 को 12 क्षेत्रों में विभाजित किया गया था। जिसमें सिर्फ एक क्षेत्रीय योजना तैयार की गई । इसके अंतर्गत पीडीए ने 20.50 लाख की जनसंख्या के लिए 11,164,48 हेक्टेयर आवासीय क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई। लेकिन 2.64 लाख आवासीय इकाइयों की अनुमानित कमी पूरा करने के लिए निर्मित आवासीय इकाइयों का विवरण प्रदान नहीं किया गया।
पीडीए ने जवाब में बताया था कि मार्च 2022 मास्टर प्लान तैयार करना एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए विकास क्षेत्र के सर्वेक्षण की आवश्यकता होती है। यह तर्क लेखा परीक्षा विभाग ने मान्य नहीं किया। कहा कि पहले से ही यह प्रक्रिया प्रारंभ कर देनी चाहिए थी। ताकि पिछली महायोजना के पूर्ण होने से पूर्व ही नई महायोजना के लिए शासन की स्वीकृति प्राप्त हो सके। इसके लिए अतिरिक्त महायोजना 2031 जनवरी 2022 से ही संचालित किया जाना था। किंतु महायोजना 2021 की अवधि समाप्त होने के बाद भी इसे अंतिम रूप दिया जाना लंबित है।
आवासीय इकाइयों की कमी के दशकीय वर्ष का आंकलन
वर्ष 2001 2011 2021
जनसंख्या 1200000 1600000 205000
आवासीय इकाइयों की संख्या 240000 320000 410000
आवासीय इकाइयों की कमी 94000 174000 264000
अफसरों की मनमानी से अपने मूल उद्देश्य से भटका पीडीए
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह का कहना है कि प्रयागराज में 40 हजार के करीब अधिवक्ता हैँ। इनके लिए अलग से आवासीय परियोजना शुरू करने की लंबे समय से मांग की जा रहीं हैं। प्राधिकरण का मुख्य कार्य भूमि अर्जन , भूमि विकास , आवासीय ग्रुप हाउसिंग भवनों व व्यावसायिक केंद्रों का निर्माण करना हैं। इसके बावजूद भी 25 वर्ष में कोई नई आवासीय योजना शुरू न किया जाना यक्ष प्रश्न हैं।
प्रयागराज में किन्हीं कारणों से वर्ष 2000 के बाद कोई नई आवासीय योजना शुरू नहीं हो सकी है। आडिट में आवासीय योजनाओं को लेकर जो सवाल उठाएं गए हैं। उसका जवाब बनाकर लोक लेखा समिति को भेज दिया गया हैं। 11 जून की बैठक को लेकर शासन में बुधवार को इसे मुद्दे को लेकर समीक्षा बैठक होना हैं। - अजीत कुमार सिंह, सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण