इस कारण घटी सुर्खा अमरूद पैदावार
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने बागों का नवीनीकरण नहीं होना, तेजी से बढ़ता शहरीकरण, किसानों का अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर रुख, जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, कीट एवं रोगों का बढ़ता प्रकोप, कोल्ड चेन और आधुनिक पैक हाउस जैसी सुविधाओं का अभाव इस संकट की बड़ी वजह हैं। प्रयागराज और कौशाम्बी में बड़ी संख्या में अमरूद के बाग खत्म हो गए हैं। इसका रकबा लगातार कम होता जा रहा है।
पिछले दो वर्षों में पैदावार में कमी और निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले फलों की उपलब्धता घटने से लाल सुर्खा का निर्यात नहीं हो सका। विभाग किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, वैज्ञानिक बागवानी और निर्यात मानकों के प्रति जागरूक कर रहा है।