जिस शहर में मो. कैफ ने क्रिकेट का ककहरा सीखा, उम्मीद थी कि क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते वक्त वह उसका आभार जरूर जताएंगे लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। कैफ ने रिटायरमेंट के एलान के वक्त लिखे पत्र में इलाहाबाद का नाम लेते हुए एक घटना का तो जिक्र किया मगर इस शहर का आभार जताने के लिए दो शब्द भी नहीं लिखे।
मूल रूप से इलाहाबाद के ही रहने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर कैफ ने शुक्रवार को क्रिकेट से संन्यास लेने का एलान किया। इस दौरान उन्होंने अपने करोड़ों फैन, साथी खिलाड़ियों, कोच व परिवारीजनों के प्रति आभार जताने के लिए दो पन्नों का एक पत्र भी लिखा। इस पत्र में उन्होंने हर उस व्यक्ति का नाम लिखा, जो उनके शुभचिंतकों में शामिल है। इनमें सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, कोच सरकार तलवार, अंडर 19 टीम कोच रोजन बिन्नी, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जॉन राइट आदि शामिल हैं। हालांकि पत्र में कैफ ने इलाहाबाद का आभार जताने की जरूरत नहीं समझी।
पत्र में भले ही कैफ ने इलाहाबाद का आभार न जताया हो लेकिन, उन्होंने यह जिक्र जरूर लिखा है कि क्रिकेट का असली सबक उन्होंने यहीं सीखा। कैफ ने लिखा है ‘मैं छह साल का था। जब मेरे इलाहाबाद स्थित घर में मेरे प्रथम श्रेणी क्रिकेटर पिता व मेरे पहले हीरो चोटिल हालत में पहुंचे।’ बाउंसर से उनके सिर से खून निकल रहा था लेकिन, वह यह कह रहे थे कि वह ठीक हैं। कैफ लिखते हैं ‘यह मेरे लिए पहला सबक था। यह कि खेल आपको चोट पहुंचा सकता है लेकिन, इसमें आपके पास वापसी का भी मौका है वह भी और मजबूती के साथ।’