इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए महानिबंधक को 48 घंटे के भीतर वर्चुअल सुनवाई के नियम बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि इसे सभी बार एसोसिएशन को कड़ाई से पालन के लिए भेजा जाए। कोर्ट ने कहा कि वकीलों को ध्यान में रखना चाहिए कि कोर्ट कार्यवाही का निश्चित नियम, प्रक्रिया व ड्रेस कोड होता है। वे कोर्ट कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं, न कि ड्राइंगरूम में बैठे हैं। कोरोना काल में कोर्ट की छूट का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
कोर्ट ने महानिबंधक से कहा कि वर्चुअल सुनवाई के समय क्या करें, क्या न करें के नियम बनाएं। नियमों में बहस का तरीका, पहनावा और किस जगह से बहस करें, यह बताया जाए। वकील इसका कड़ाई से पालन करें। नियम की अवहेलना करने पर दंड तय किया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने सोनू व अन्य की जमानत अर्जी पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि वकीलों से उम्मीद की जाती है कि कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में वे अपने आफिस, चैंबर या घर में अच्छे स्थान पर बैठकर कोर्ट को संबोधित करेंगे। अदालतों द्वारा बार बार नसीहत देने के बावजूद न्यायालय की मर्यादा का पालन नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने याची के अधिवक्ता द्वारा कार में बैठकर बहस करने पर नाराजगी जताई और अर्जी को आठ सप्ताह बाद पेश करने का निर्देश दिया।