जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को संगम सभागार में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने दोटूक निर्देश दिया कि पांच साल से अधिक पुराने सभी राजस्व वादों और मामलों को आगामी जून महीने तक अनिवार्य रूप से निस्तारित किया जाए। इसके साथ ही तीन वर्ष से पुराने मामलों को भी शीर्ष प्राथमिकता पर हल करने को कहा गया है।
समीक्षा के दौरान सोरांव तहसील में तीन व पांच साल से पुराने सबसे अधिक मामले लंबित पाए जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, धारा-67 के तहत अवैध कब्जे के सर्वाधिक मामले करछना, फूलपुर और मेजा तहसील में लंबित मिलने पर उपजिलाधिकारियों को तेजी से निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने अवैध खनन और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को नियमित रूप से कोर्ट में बैठने तथा मुकदमों की नियमित सुनवाई करने का आदेश दिया।