झिलमिल तारों की मानिंद झालरों से सजा संगम का शहर
पंच दीपोत्सव की खुशियां रविवार को संगम के शहर में छा गईं। चाहे सिविल लाइंस हो या फिर पुराने शहर का चौक, ठठेरीबाजार, चौक और कटरा के इलाके, हर तरफ ऊंची इमारतों से लेकर टॉवरों, बिजली के खंभों तक को रंग-बिरंगी झालरों से मोहक ढंग से सजा दिया गया। खुशियों की हिलोरों के बीच फुलझड़ियां छूटने लगीं। इसी के साथ सोमवार को ज्योति पर्व दिवाली की सतरंगी छटा संगम से लेकर शहर तक छा जाएगी।
छोटी दिवाली पर सांझ ढलते ही घर-घर से दीये निकाले जाने लगे। चौमुखी दीपों से यम के नाम पर ज्योति जलाई गई। इसी के साथ पूरा शहर रंग-बिरंगी लतरों की टिमटिमाहट से जगमगाने लगा। चौराहों पर झालरों की छटा बिखर गई। सिविल लाइंस में प्रतिष्ठानों की प्रकाश सज्जा देखते बनी। सुभाष चौराहे से लेकर इंदिरा भवन होते हुए पत्थर गिरजा घर के बीच के बाजार की चकाचौैंध हर किसी का ध्यान खींचती रही। इसी तरह पुराने शहर में भी घर-घर को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। बच्चे आतिशबाजी में जुट गए। छतों, सड़कों की पटरियों पर आतिशबाजी की इंद्रधनुषी छटा बिखर गई।